यह अभियान प्रत्येक चयनित ग्राम में लेखपाल, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, महिला प्रतिनिधि एवं ग्राम के वरिष्ठ सदस्य को शामिल करते हुए पाँच सदस्यीय सामुदायिक मध्यस्थता पैनल गठित किया गया है।
ग्राम पंचायत भवन अथवा सार्वजनिक स्थल पर मध्यस्थता केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा प्रक्रिया की निगरानी के लिए नायब तहसीलदार अथवा तहसीलदार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
जनपदवार प्रगति जनपद गोण्डा में 82 ग्राम वाद-मुक्त हुए हैं तथा 167 विवाद प्राप्त हुए।