आरोप है कि सिलेंडरों की अन्य क्षेत्रों में आपूर्ति किए जाने अथवा ब्लैक में बिक्री किए जाने की शिकायत सामने आई है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई किलोमीटर दूर से गैस एजेंसी पहुंचते हैं, लेकिन कई बार एजेंसी बंद मिलने से उन्हें समय और आने-जाने के किराये का अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता है।