इरादा था युवती को जबरन ईख (गन्ने) के खेत में खींच ले जाने का, मगर दांव तब उलटा पड़ गया जब युवती के शोर मचाते ही गांव के दो जांबाज—उत्तम और अमित देवदूत बनकर मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने आशिक मिज़ाज भाई साहब को दबोच तो लिया, लेकिन कानूनी हिसाब-किताब के डर से जनाब ने मौका ताड़ते ही ऐसी फर्राटा दौड़ लगाई कि खेत से सीधे 'ओलंपिक स्प्रिंटर' बन गए।
खैर, खेत से भागने की यह चालाकी ज्यादा देर काम न आई।