इस अवसर पर श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
रामलीला के शुभारंभ कार्यक्रम में श्री जयप्रकाश धाकड़ जोरैया ने फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया।
इसके बाद उन्होंने मां कूष्मांडा के दरबार में पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।