कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने जनसुनवाई में अपनी समस्या लेकर पहुंची एक जरूरतमंद बेटी की परेशानी को गंभीरता से सुना और उसकी शिक्षा जारी रखने के लिए तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराईं।
प्रशासन की इस पहल से अब बेटी के भविष्य को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है।
बचपन में पिता का साया उठा, मां मजदूरी कर चला रही परिवार प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेटी के पिता का बचपन में ही निधन हो गया था।