अलीगंज सीएचसी में बड़ा एक्शन: ₹2,000 वसूली के मामले में 7 आशा संगिनियां बर्खास्त

एटा। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अलीगंज से संबद्ध सात आशा संगिनियों को पद से निष्कासित कर दिया है। प्रति आशा संगिनी 2,000 रुपये की धनराशि लिए जाने और मानदेय का भुगतान नहीं होने की शिकायत पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। मामला 17 अक्टूबर 2026 को तहसील अलीगंज में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का है। यहां आशा कार्यकत्रियों ने सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनसे प्रति आशा संगिनी 2,000 रुपये लिए गए, लेकिन मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा की ओर से मामले की जांच कराई गई। जांच में संबंधित आशा संगिनियों को धनराशि लिए जाने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद उनके निष्कासन की संस्तुति की गई। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति एटा के अनुमोदन के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने निष्कासन के आदेश जारी कर दिए। इन सात आशा संगिनियों पर हुई कार्रवाई निष्कासित आशा संगिनियों में श्रीमती शीला देवी, रंजीता, मधु देवी, रीना देवी, सुनीता देवी, विमलेश पाल और पुष्पा देवी शामिल हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज से संबद्ध थीं। आदेशों की प्रतिलिपि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों की जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









