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20 अक्टूबर 2026 · नई दिल्लीई-पेपरलॉगिन
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हाईटेंशन का 2700 मीटर तार चोरी अंधेरे में 15 गांव शमसाबाद से मोहम्मदाबाद तक बिजली के तार चोरी

हाईटेंशन का 2700 मीटर तार चोरी अंधेरे में 15 गांव
शमसाबाद से मोहम्मदाबाद तक बिजली के तार चोरी
हाईटेंशन का 2700 मीटर तार चोरी अंधेरे में 15 गांव शमसाबाद से मोहम्मदाबाद तक बिजली के तार चोरी — अपराध | City News 24

फर्रूखाबाद- जनपद में बिजली के तारों की चोरी की घटनायें विद्युत विभाग की निगरानी व्यवस्था, संपत्तियों की सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। शमसाबाद क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन से लगभग 2700 मीटर तार चोरी होने और मोहम्मदाबाद क्षेत्र में बंद पड़ी विद्युत लाइन से 11 खंभों से तार गायब किये जाने की हालिया खबरें बताती हैं कि बिजली के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर प्रभावी निगरानी कितनी जरूरी है। एक ओर बिजली विभाग उपभोक्ताओं से समय पर बिल जमा करने और बिजली चोरी रोकने के लिए सख्ती बरतने की अपेक्षा करता है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लाइनों से बड़े पैमाने पर तार चोरी होने की घटनायें व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर रही हैं। हालांकि, इन घटनाओं के पीछे विभागीय लापरवाही है या सुरक्षा व्यवस्था में कोई दूसरी कमी, इसका निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकता है। शमसाबाद क्षेत्र के हरसिंहपुर फीडर से जुड़ी हाईटेंशन लाइन के 17 खंभों से करीब 2700 मीटर तार चोरी होने की खबर सामने आई। प्रकाशित विवरण के मुताबिक, तारों की कीमत लगभग 1.25 लाख रुपये बताई गई और घटना के कारण हजियापुर बिजली उपकेंद्र के हरसिंहपुर फीडर से जुड़े करीब 15 गांवों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। बताया गया कि मंगलवार रात करीब 1 बजे लाइन में फॉल्ट हुआ और बुधवार सुबह ग्रामीणों ने तार गायब होने की सूचना विभाग को दी। इसके बाद विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इस घटना ने सवाल खड़ा किया कि बिजली के इतने बड़े नेटवर्क की निगरानी किस व्यवस्था के तहत की जा रही है? क्या संवेदनशील और दूरदराज के क्षेत्रों में विद्युत लाइनों की नियमित पेट्रोलिंग होती है? यदि होती है, तो चोरी की घटना समय रहते क्यों नहीं पकड़ी गई? इन सवालों के जवाब विभागीय जांच और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान से ही स्पष्ट हो सकेंगे। मोहम्मदाबाद क्षेत्र में भी बंद पड़ी हाईटेंशन विद्युत लाइन से तार चोरी होने का मामला सामने आया है। 10 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक खबर के अनुसार, चोरों ने 11 खंभों से तार चोरी कर लिए। चोरी गए तारों की कीमत करीब 1.45 लाख रुपये बताई गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि विद्युत विभाग की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि बंद पड़ी लाइनें भी विभागीय संपत्ति हैं। यदि ऐसी लाइनों का नियमित निरीक्षण नहीं होता, तो चोरी का पता देर से चलने और नुकसान बढ़ने की आशंका बनी रहती है। हालांकि, उपलब्ध खबर में यह स्पष्ट नहीं होता कि इस मामले में अब तक कितनी बरामदगी हुई है, कितने संदिग्धों से पूछताछ की गई है या किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। जनपद में बिजली के तारों और उपकरणों की चोरी के मामलों को देखते हुए भोलेपुर स्थित विद्युत कार्यालय और संबंधित वितरण खंडों की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है। क्या विभाग के पास बंद पड़ी लाइनों, अनुपयोगी विद्युत तारों और खंभों का अद्यतन रिकॉर्ड है? क्या संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार होती है? चोरी की सूचना मिलने पर पुलिस में तहरीर देने से लेकर तारों की बरामदगी तक की कार्रवाई की समीक्षा कौन करता है? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों से मिलना चाहिए। फिलहाल उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर भोलेपुर कार्यालय की सीधी लापरवाही या किसी अधिकारी की मिलीभगत का दावा करना उचित नहीं होगा। बिजली विभाग बिजली चोरी रोकने के लिए जांच और कार्रवाई करता है। ऐसे में सरकारी विद्युत संपत्ति की सुरक्षा भी उतनी ही प्राथमिकता से सुनिश्चित की जानी चाहिए। तार चोरी होने से केवल विभाग को आर्थिक नुकसान नहीं होता, बल्कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। कृषि कार्य, पेयजल आपूर्ति, घरेलू जरूरतें और छोटे कारोबार प्रभावित हो सकते हैं।

Jubair Khan
Jubair Khan
District Reporter · City News 24
District reporter Farrukhabad Uttar Pradesh
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