बहराइच: फर्जी डी-फार्मा डिग्री मामले में नंदा इंस्टीट्यूट के प्राचार्य गिरफ्तार

रामगांव। बहराइच के रामगांव क्षेत्र स्थित नंदा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में छात्र को कथित तौर पर फर्जी डी-फार्मा डिग्री दिए जाने के मामले में पुलिस ने संस्थान के प्राचार्य सुरेंद्र कुमार सिंह उर्फ दीप राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामला बलरामपुर निवासी रवि प्रताप की शिकायत से जुड़ा है। छात्र ने वर्ष 2020 में संस्थान में डी-फार्मा में प्रवेश लिया था। उसके मुताबिक, निर्धारित फीस के अलावा उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण के नाम पर उससे 1.75 लाख रुपये लिए गए। छात्र का आरोप है कि बाद में अंकपत्र और प्रमाणपत्र देने में टालमटोल की गई। 31 मार्च को उसे जानकारी मिली कि उसके पास मौजूद डी-फार्मा डिग्री कथित रूप से कूटरचित और फर्जी है। इसके बाद उसने बहराइच के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद 13 अगस्त 2026 को रामगांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संस्थान के रिकॉर्ड की जांच की। मंगलवार को रामगांव थाना प्रभारी दिवाकर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य रिपोर्ट में मामले में धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़ी IPC की धाराएं 419, 420, 467 और 468 लगाए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि FIR की मूल प्रति उपलब्ध होने तक धाराओं की अंतिम पुष्टि करना उचित होगा। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कितने छात्र इस कथित फर्जीवाड़े से प्रभावित हुए तथा कुल कितनी रकम ली गई। कार्रवाई के बाद संस्थान से जुड़े अन्य छात्रों में भी अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र और फार्मेसी पंजीकरण को लेकर चिंता बढ़ गई है। नोट: अभी उपलब्ध रिपोर्टों में कुल पीड़ित छात्रों की संख्या और FIR नंबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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