नागदा में निकली भव्य शाही सवारी, जगह-जगह हुआ जोरदार स्वागत हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बना आयोजन, मुस्लिम संगठनों सहित सामाजिक संस्थाओं ने लगाए स्वागत मंच

नागदा। धार्मिक आस्था और आपसी भाईचारे का खूबसूरत संदेश देते हुए आज नागदा शहर में भव्य शाही सवारी निकाली गई। शाही सवारी का शुभारंभ काल भैरव मंदिर से हुआ। सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह एवं उल्लास का माहौल नजर आया। शाही सवारी टंकी चौराहा, चंबल सागर कॉलोनी, नगर पालिका चौराहा, गुर्जर मोहल्ला, बस स्टैंड, जवाहर मार्ग, स्टेशन चौराहा और एमजी रोड होते हुए पुनः काल भैरव मंदिर पहुंची। सवारी के मार्ग में जगह-जगह विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं संगठनों द्वारा स्वागत मंच लगाए गए। श्रद्धालुओं और सवारी में शामिल लोगों का पुष्पमालाओं, पुष्पवर्षा एवं फल वितरण कर स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में लोगों ने उत्साह के साथ शाही सवारी का स्वागत किया। मुस्लिम संगठनों ने पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल शाही सवारी के दौरान नागदा की गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर भी देखने को मिली। मुस्लिम संगठनों एवं हिंदू-मुस्लिम एकता संगठन द्वारा विशेष रूप से स्वागत मंच लगाया गया, जहां शाही सवारी का भव्य स्वागत किया गया तथा लोगों को फल वितरित किए गए। मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा किए गए इस स्वागत ने शहर में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया। स्वागत मंच पर मौजूद लोगों ने कहा कि नागदा की पहचान हमेशा से आपसी सौहार्द और मिल-जुलकर त्योहार मनाने की रही है। सभी धर्मों के पर्व और धार्मिक आयोजनों में एक-दूसरे का सम्मान करना ही शहर की खूबसूरत परंपरा है। शाही सवारी बनी आकर्षण का केंद्र शाही सवारी के दौरान मार्ग में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। जगह-जगह स्वागत के लिए खड़े लोगों ने सवारी का अभिनंदन किया। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव का वातावरण बना रहा। नागदा में आयोजित इस भव्य शाही सवारी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आस्था के साथ इंसानियत, प्रेम और भाईचारा सबसे बड़ा धर्म है। मुस्लिम संगठनों द्वारा किए गए स्वागत की शहरवासियों ने भी सराहना की और इसे नागदा की हिंदू-मुस्लिम एकता एवं गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बताया। शाही सवारी के सफल आयोजन में प्रशासन, पुलिस एवं शहरवासियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

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