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11 सितंबर 2026 · नई दिल्लीई-पेपरलॉगिन
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*भाजपा के फाइनल सर्वे ने मचाई खलबली

*भाजपा के फाइनल सर्वे ने मचाई खलबली
*भाजपा के फाइनल सर्वे ने मचाई खलबली — ब्रेकिंग न्यूज़ | City News 24

भाजपा के फाइनल सर्वे ने मचाई खलबली!

125 विधायकों पर टिकट की तलवार? पश्चिमी यूपी में 30 सीटों पर ‘बदलाव’ की आहट

सहारनपुर की 4 सीटों ने बढ़ाई टेंशन

देवबंद से नकुड़ तक मौजूदा चेहरों पर संकट की चर्चा, मुजफ्फरनगर-मेरठ में भी कई विधायक सर्वे के रडार पर

सहारनपुर। संवाददाता

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा के फाइनल सर्वे को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने मौजूदा विधायकों का जमीनी फीडबैक लेने के बाद बड़े पैमाने पर टिकट बदलाव की रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। सबसे बड़ा दावा यह सामने आ रहा है कि उत्तर प्रदेश में करीब 125 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी करीब 30 विधानसभा सीटों पर चेहरे बदलने की चर्चा है। यदि यह कवायद जमीन पर उतरती है तो 2027 के चुनाव से पहले भाजपा के लिए यह अब तक का बड़ा संगठनात्मक और चुनावी फेरबदल माना जाएगा।

सहारनपुर की चार सीटों पर ‘खतरे की घंटी’!

सहारनपुर में फाइनल सर्वे को लेकर सबसे ज्यादा हलचल देवबंद, गंगोह, सहारनपुर नगर और नकुड़ विधानसभा सीटों को लेकर बताई जा रही है।

सूत्रों का दावा है कि इन सीटों पर मौजूदा विधायकों के प्रति जनता और कार्यकर्ताओं के फीडबैक ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में नए चेहरों को मौका देने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

अगर चारों सीटों पर प्रत्याशी बदले जाते हैं तो सहारनपुर भाजपा में इसे सबसे बड़ा चुनावी ‘ऑपरेशन बदलाव’ माना जाएगा।

हालांकि भाजपा की ओर से अभी टिकट काटने या नए प्रत्याशी घोषित करने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

जनता सरकार से खुश, लेकिन विधायक से नाराज?

सूत्रों के मुताबिक सर्वे में एक दिलचस्प तस्वीर सामने आने की बात कही जा रही है। कई क्षेत्रों में जनता प्रदेश में भाजपा सरकार के प्रति सकारात्मक दिखाई दी, लेकिन स्थानीय विधायकों के प्रति नाराजगी दर्ज होने का दावा किया जा रहा है।

विधायकों के जनता से दूरी बनाए रखने, सीमित लोगों के बीच सक्रिय रहने, क्षेत्रीय समस्याओं पर प्रभावी हस्तक्षेप नहीं करने और जनता से संवाद की कमी जैसी शिकायतें सर्वे में सामने आने की बात कही जा रही है।

अपनों’ से लड़ाई भी पड़ सकती है भारी

भाजपा के कई मौजूदा विधायकों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी सबसे बड़ी चुनौती बनती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार कुछ विधानसभा क्षेत्रों में विधायक विपक्ष से मुकाबले के बजाय अपने ही कार्यकर्ताओं और पुराने नेताओं से राजनीतिक टकराव में उलझे रहे।

गुटबाजी, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, व्यक्तिगत राजनीति और संगठन के भीतर बढ़ती दूरी जैसे मुद्दों पर भी फीडबैक मिलने की चर्चा है।

जातीय समीकरण बिगड़े तो टिकट भी बदलेगा!

पश्चिमी यूपी में जातीय समीकरण चुनावी नतीजों पर बड़ा असर डालते हैं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के सर्वे में कुछ सीटों पर बदलते सामाजिक समीकरणों को भी गंभीरता से परखा गया है।

पार्टी ऐसे चेहरों की तलाश में बताई जा रही है जो जनता के बीच स्वीकार्य होने के साथ-साथ संगठन और जातीय समीकरणों को भी साध सकें।

मुजफ्फरनगर में भी हलचल

मुजफ्फरनगर में भी भाजपा के कई नेताओं को लेकर फीडबैक की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक मंत्री कपिल देव अग्रवाल समेत कुछ मौजूदा विधायकों की स्थिति का भी आकलन किया गया है।

मेरठ और पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों में भी कई सीटों पर नए चेहरों को लेकर पार्टी के भीतर मंथन चलने की चर्चा है।

गन्ना भुगतान बना पश्चिमी यूपी का बड़ा मुद्दा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों की नाराजगी का एक बड़ा कारण गन्ना भुगतान और गन्ना मूल्य से जुड़े सवाल भी हैं। सहारनपुर क्षेत्र में चीनी मिलों से भुगतान को लेकर किसानों की शिकायतें चुनावी मुद्दा बन सकती हैं।

स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों, अधिकारियों की कार्यशैली और कथित भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें भी भाजपा के लिए चुनौती मानी जा रही हैं।

भाजपा के सामने सबसे बड़ा सवाल—सरकार बचेगी या चेहरे बदलेंगे?

फाइनल सर्वे की चर्चाओं ने भाजपा के मौजूदा विधायकों के बीच बेचैनी बढ़ा दी है। पार्टी के सामने अब दोहरी चुनौती है—सरकार के पक्ष में माहौल को बरकरार रखना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी को रोकना।

ऐसे में बड़े पैमाने पर टिकट बदलाव भाजपा की संभावित रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

सहारनपुर की चार सीटों से लेकर मुजफ्फरनगर और मेरठ तक सियासी निगाहें अब भाजपा की अंतिम टिकट सूची पर टिक गई हैं।

यदि सूत्रों के दावे सही साबित हुए तो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में भाजपा कई पुराने चेहरों को हटाकर नए चेहरों के साथ मैदान में उतर सकती है।

Vipin Kumar
Vipin Kumar
Disstrict Reporter · City News 24
charthawal, Muzaffarnagar, UP- 251311
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