मानवता की मिसाल: बाबा के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे समाजसेवी राम जी भाई ने किया रक्तदान, बचाई युवक की जान

जानकीकुंड (चित्रकूट): समाजसेवी राम जी भाई ने एक बार फिर अपनी निस्वार्थ सेवा और मानवीय संवेदनाओं से समाज में एक मिसाल पेश की है। अक्सर लोग अपनी समस्याओं और चिंताओं के आगे दूसरों की मदद से पीछे हट जाते हैं, लेकिन राम जी भाई ने अपनी परेशानी को परे रखकर एक गंभीर मरीज की जान बचाने का संकल्प लिया। जानकारी के अनुसार, समाजसेवी राम जी भाई बीते दिनों अपने बाबा (दादा जी) की आंखों का इलाज और जांच कराने जानकीकुंड अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल परिसर में जांच प्रक्रिया पूरी होने के दौरान ही एडवोकेट रोशनी कुशवाहा ने उनसे संपर्क किया और बताया कि उनके भाई रमाकांत कुशवाहा एक गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें तत्काल रक्त (ब्लड) की सख्त आवश्यकता है।
रोशनी कुशवाहा की मार्मिक अपील को सुनकर राम जी भाई ने बिना एक पल की भी देरी किए तुरंत रक्तदान करने की सहमति दे दी। उन्होंने तत्काल 350 एमएल रक्तदान कर रमाकांत कुशवाहा की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इस त्वरित मदद के लिए मरीज के परिजनों ने समाजसेवी का आभार व्यक्त किया है। रक्तदान करने के बाद समाजसेवी राम जी भाई ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि "रक्तदान महादान है।" उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि हमारे द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज के युवाओं को समाज सेवा और आपातकालीन परिस्थितियों में आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। जब भी किसी लाचार या गंभीर मरीज को जीवनदान देने का अवसर मिले, तो हर सक्षम युवा को रक्तदान के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

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