करोड़ों की मंजूरी, अधूरा निर्माण; रामलीला मैदान पर प्रशासन से जवाब मांग

एटा। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े श्री रामलीला मैदान की तस्वीर बदलने के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन तीन साल बाद भी चारदीवारी और सौंदर्याकरण का काम पूरा नहीं हो सका। रामलीला महोत्सव शुरू होने के बावजूद निर्माण अधूरा होने पर श्री रामलीला प्रबंध समिति ने सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली से हस्तक्षेप की मांग की है। कस्बे के बाहर चुंगी के पास स्थित रामलीला मैदान के अधूरे निर्माण को लेकर समिति ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र सौंपा। कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कुमार आर्य की ओर से दिए गए पत्र के अनुसार, विधायक सत्यपाल सिंह राठौड़ के प्रयास से पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्रालय के माध्यम से चारदीवारी और सौंदर्याकरण के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। 16 मार्च 2024 को भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया।समिति ने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस, जल निगम और संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से काम होने के बावजूद निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है। साथ ही कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों को लेकर भी शिकायत की गई है। महोत्सव शुरू, व्यवस्थाओं पर सवाल श्री रामलीला महोत्सव 6 अक्टूबर से शुरू हो चुका है, लेकिन मैदान में निर्माण अधूरा होने से आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। समिति ने डीएम से निर्माण कार्य की जांच कराने, गुणवत्ता की पड़ताल करने और शेष काम जल्द पूरा कराने की मांग की है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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