ग्राम भौरझिर में चौपड़ प्रतियोगिता का भव्य समापन, खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित छैनाकछार के धर्मेंद्र सिंह कौरव ने जीता प्रथम पुरस्कार, विधायक विश्वनाथ सिंह

नरसिंहपुर। तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भौरझिर में विगत 25 तारीख से आयोजित चौपड़ प्रतियोगिता का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में तेंदूखेड़ा विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल ‘मुलायम भैया’ (रीछा) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं खुलरी के युवा समाजसेवी एवं सरपंच श्री राजेन्द्र सिंह पटेल की भी विशेष उपस्थिति रही। प्रतियोगिता में आसपास के क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
विजेताओं को मिली पुरस्कार राशि
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं द्वारा नकद पुरस्कार और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार है—
- प्रथम पुरस्कार: ₹21,000 — ग्राम छैनाकछार के धर्मेंद्र सिंह कौरव को, विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल ‘मुलायम भैया’ द्वारा प्रदान किया गया।
- द्वितीय पुरस्कार: ₹11,000 — ईश्वरपुर के प्रतिभागी को, श्री राजेन्द्र सिंह पटेल, खुलरी द्वारा प्रदान किया गया।
- तृतीय पुरस्कार: ₹7,100 — ईश्वरपुर के प्रतिभागी को, मानस शक्ति संघ भौरझिर द्वारा प्रदान किया गया।
- चतुर्थ पुरस्कार: ₹5,100 — ईश्वरपुर के प्रतिभागी को, श्री गौतम जी लूनावत, करेली द्वारा प्रदान किया गया।
आयोजन समिति की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित राजेश पचौरी ने की। उपाध्यक्ष के रूप में आशीष जी पटेल, सरपंच ने भूमिका निभाई। राजकुमार जी पटेल कोठावाले कोषाध्यक्ष रहे।
प्रतियोगिता के संयोजक सुरेन्द्र सिंह पटेल, लोकेन्द्र सिंह पटेल सूरना, विदोश जी ममार, राजेन्द्र जी कौरव एवं रजनीश जी पटेल रहे।
बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं खेल प्रेमी हुए शामिल
समापन समारोह में ग्राम भौरझिर के सरपंच, वरिष्ठ नागरिकों, ग्रामीणों और बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों की उपस्थिति रही। आयोजन ने क्षेत्र में पारंपरिक खेलों के प्रति उत्साह और आपसी सहभागिता को बढ़ावा दिया।
कार्यक्रम के अंत में लोकेन्द्र सिंह कौरव, सूरना ने आभार व्यक्त किया, जबकि राजकुमार कौरव ने कार्यक्रम का संचालन किया। आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगकर्ताओं, खिलाड़ियों एवं उपस्थित नागरिकों का धन्यवाद करते हुए विजेताओं को शुभकामनाएं दीं।









