दतिया पण्डोखर ‘The Living Darbar’ नाम से तैयार हो रही अंग्रेजी कृति, पण्डोखर सरकार की महिमा को वैश्विक पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास

मुकेश गुप्ता की ‘त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार’ अब अंग्रेजी में, पूर्व कुलपति डॉ. बशीर अहमद खान कर रहे अनुवाद
पण्डोखर (दतिया)- लेखक एवं पण्डोखर सरकार धाम ट्रस्ट के संस्थापक सचिव मुकेश कुमार गुप्ता, सागर द्वारा लिखित पुस्तक ‘त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार’ अब अंग्रेजी भाषा में भी पाठकों तक पहुँचने की दिशा में अग्रसर है। 78 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षाविद एवं पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. बशीर अहमद खान इस पुस्तक का अंग्रेजी रूपांतरण कर रहे हैं। अंग्रेजी कृति को “The Living Darbar — Splendour, Service, and Surrender at Pandokhar Sarkar” नाम दिया गया है।
इस पहल की विशेषता यह है कि दो माह पूर्व तक लेखक मुकेश गुप्ता और डॉ. खान का एक-दूसरे से कोई व्यक्तिगत परिचय नहीं था। गुप्ता के अनुसार डॉ. खान को कहीं से उनकी पुस्तक ‘त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार’ प्राप्त हुई। पुस्तक पढ़ने के बाद उन्होंने श्री हनुमान जी पण्डोखर सरकार के प्रति श्रद्धा और प्रेरणा से इसे अंग्रेजी भाषा में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया, ताकि भारत के बाहर रहने वाले पाठक भी पण्डोखर सरकार के दिव्य दरबार, सेवा परंपरा एवं आध्यात्मिक प्रसंगों से परिचित हो सकें।
डॉ. खान ने इसके बाद लेखक मुकेश गुप्ता से फोन पर संपर्क किया और पण्डोखर धाम पहुँचकर उनसे प्रत्यक्ष भेंट कर अपने संकल्प से अवगत कराया। अल्प समय में पुस्तक के अंग्रेजी रूपांतरण का प्रारंभिक स्वरूप भी तैयार किया गया, जिसे आवश्यक संशोधन एवं अवलोकन की प्रक्रिया से गुजारा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्रो. डॉ. बशीर अहमद खान झारखंड के दुमका स्थित सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), नई दिल्ली के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर रहे हैं। शिक्षा, प्रबंधन एवं दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में उनका दीर्घ अनुभव रहा है। डॉ खान अपने आप को सनातनी कहने में गर्व की अनुभूति करते हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित अनेक हिन्दू धार्मिक संतो, संस्थानों व विद्वानों से उनका गहरा नाता है। आप अनेक सनातन संस्थानों पर कई पुस्तकों का लेखन भी कर चुके हैं।
हाल ही में डॉ. खान द्वारा तैयार की जा रही ‘The Living Darbar’ की संशोधित प्रति पण्डोखर सरकार धाम पीठाधीश्वर, त्रिकालदर्शी गृहस्थ संत श्री गुरुशरण जी महाराज को अवलोकनार्थ समर्पित की गई। श्री मुकेश गुप्ता द्वारा डॉ. खान की ओर से श्रद्धापूर्वक दी गई अन्य पुस्तकें भी श्री गुरुशरण जी महाराज को भेंट की गईं। इस अवसर पर श्री गुरुशरण जी महाराज ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपना मंगल आशीर्वाद भी प्रदान किया।
लेखक मुकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि उनके लिए यह केवल उनकी हिंदी पुस्तक का अंग्रेजी रूपांतरण नहीं है, बल्कि पण्डोखर सरकार की महिमा, सेवा और आध्यात्मिक अनुभूतियों को भाषा एवं देश की सीमाओं से आगे विश्व के पाठकों तक पहुँचाने की एक नई यात्रा है।
उन्होंने वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. डॉ. बशीर अहमद खान द्वारा निःस्वार्थ भाव से किए जा रहे इस साहित्यिक प्रयास के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी लेखक के लिए इससे बड़ा सुख क्या हो सकता है कि उसकी रचना भाषा की सीमाओं को पार कर नए पाठक वर्ग तक पहुँचे।
भवदीय - मुकेश कुमार गुप्ता, सागर संस्थापक व सचिव, श्री पण्डोखर धाम ट्रस्ट 20/09/2026

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