27-28 सप्ताह में जन्मे बेहद कमजोर नवजात ने दी कई गंभीर जटिलताओं को मात, 6 ग्राम हीमोग्लोबिन पर चढ़ाया रक्त, 21 दिन तक रहा सिपेप पर देवास।
जन्म के बाद शिशु को सांस लेने में परेशानी सहित कई गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की लगातार निगरानी और उपचार से आखिरकार शिशु ने जिंदगी की जंग जीत ली।
सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि ग्राम पत्थर गुराडिया, बरोठा निवासी 25 वर्षीय आरती पति राजेंद्र ने 16 जुलाई 2026 की रात करीब 9:10 बजे देवास के एक निजी नर्सिंग होम में सामान्य प्रसव के दौरान शिशु को जन्म दिया।