ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान पंचायत क्षेत्र में कई विकास कार्य या तो किए ही नहीं गए, या फिर अधूरे एवं घटिया गुणवत्ता के साथ छोड़ दिए गए।
इसके बावजूद संबंधित कार्यों की राशि का भुगतान कर दिया गया।
ज्ञापन में पंचायत निधि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि विकास कार्यों के नाम पर शासकीय धन का सही उपयोग नहीं हुआ।