रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का पर्व तो है ही, यह रक्षा, विश्वास, कर्तव्य और मर्यादा के पवित्र संकल्प का उत्सव भी है।
हम सभी आज के दिन सबसे पहले अपने आराध्य ईष्ट देवी - देवताओं और सद्गुरु को रक्षासूत्र समर्पित करते हैं।
मेरे लिए भी यह सौभाग्य और भाव-विभोर कर देने वाला क्षण है कि परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री गुरुशरण जी महाराज (पण्डोखर सरकार) की पावन कलाई पर एक शिष्य के रूप में रक्षासूत्र बाँधने का अवसर प्राप्त हुआ।