कार्रवाई के दौरान वन भूमि पर अवैध रूप से बोई गई फसल को नष्ट करने के लिए 'सफाया' खरपतवारनाशी दवा का छिड़काव किया गया।
वन विभाग के अनुसार अतिक्रमणकारियों ने पहले वन विभाग के प्लांटेशन को नष्ट कर वन भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए खेती शुरू कर दी थी, जिससे वन संरक्षण एवं वृक्षारोपण कार्यों को भारी नुकसान पहुंचा।
इतना ही नहीं, पूर्व में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने की घटना भी सामने आई थी।