पण्डोखर सरकार की परम्परा के अनुरूप यह दिव्य दरबार पूर्णतः निःशुल्क रहेगा और श्रद्धालुओं से दरबार में अपनी समस्याओं के समाधान एवं मार्गदर्शन के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
क्षेत्रीय भक्तों के निरंतर अनुरोध और उनकी श्रद्धा-भावना को देखते हुए लंबे अंतराल के बाद पूज्यपाद महाराजश्री ने छतरपुर में तीन दिवसीय त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार आयोजित करने की अनुमति प्रदान की है।
श्री गुप्ता ने बताया कि स्थानीय भक्तों एवं आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी संख्या में आने वाले दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त दरबार स्थल का चयन किया जा रहा है।