लंबे अंतराल बाद छतरपुर में सजेगा पण्डोखर सरकार का त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार

पण्डोखर/छतरपुर, 17 सितम्बर 2026। पण्डोखर सरकार धाम पीठाधीश्वर, त्रिकालदर्शी गृहस्थ संत पूज्यपाद श्री गुरुशरण जी महाराज के दिव्य सान्निध्य में आगामी 2, 3 एवं 4 अक्टूबर 2026 को छतरपुर (मध्यप्रदेश) में “पण्डोखर सरकार का त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार” आयोजित किया जाएगा। पण्डोखर सरकार की परम्परा के अनुरूप यह दिव्य दरबार पूर्णतः निःशुल्क रहेगा और श्रद्धालुओं से दरबार में अपनी समस्याओं के समाधान एवं मार्गदर्शन के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पण्डोखर सरकार धाम के संस्थापक एवं सचिव श्री मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि छतरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु लंबे समय से पूज्यपाद श्री गुरुशरण जी महाराज से छतरपुर में दिव्य दरबार आयोजित करने का आग्रह कर रहे थे। क्षेत्रीय भक्तों के निरंतर अनुरोध और उनकी श्रद्धा-भावना को देखते हुए लंबे अंतराल के बाद पूज्यपाद महाराजश्री ने छतरपुर में तीन दिवसीय त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार आयोजित करने की अनुमति प्रदान की है।
श्री गुप्ता ने बताया कि स्थानीय भक्तों एवं आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं द्वारा बड़ी संख्या में आने वाले दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त दरबार स्थल का चयन किया जा रहा है। स्थल निर्धारित होते ही उसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रसारित कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि पण्डोखर सरकार का त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार वर्षों से देश-विदेश के श्रद्धालुओं के बीच आस्था और विश्वास का केंद्र रहा है। दरबार की मान्यता एवं श्रद्धालुओं के अनुभवों के अनुसार, यहां मानव जीवन से जुड़ी विभिन्न दैहिक, दैविक एवं भौतिक समस्याओं के संबंध में पूज्यपाद श्री गुरुशरण जी महाराज द्वारा आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं समाधान प्रदान किया जाता है। अनेक श्रद्धालु अपने अनुभवों को आश्चर्यजनक एवं चमत्कारिक बताते हैं।
पण्डोखर सरकार के त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार की विशेषता बताते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि महाराजश्री द्वारा श्रद्धालुओं के जीवन से जुड़े प्रश्नों और परिस्थितियों के संबंध में दिए जाने वाले कथनों को लेकर लंबे समय से लोगों में विशेष जिज्ञासा रही है। समर्थकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि दरबार में सामने आने वाले कई प्रसंग ऐसे होते हैं, जिन्हें वे सामान्य मानवीय अनुमान और आधुनिक विज्ञान की प्रचलित व्याख्याओं से परे मानते हैं। इसी भाव को भक्तजन “जहाँ आकर विज्ञान भी ठहर जाता है” के रूप में व्यक्त करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पण्डोखर सरकार की मूल भावना “आस्था—विश्वास—समाधान” है और दरबार का उद्देश्य किसी प्रकार का व्यावसायिक लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि पीड़ित एवं परेशान मानवता को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करना है। इसीलिए छतरपुर में आयोजित तीनों दिनों का दरबार पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है।
श्री गुप्ता ने छतरपुर सहित बुंदेलखंड अंचल के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दरबार स्थल एवं समय संबंधी अधिकृत सूचना प्रसारित होने के बाद उसी के अनुरूप कार्यक्रम में पहुंचें तथा किसी भी भ्रामक या अनधिकृत सूचना से बचें।
दरबार की तिथियां : 2, 3 एवं 4 अक्टूबर 2026 स्थान : छतरपुर (म.प्र.) — विस्तृत स्थल की घोषणा शीघ्र संपर्क : 79877 92828 / 99812 18888
भवदीय : मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) संस्थापक एवं सचिव पण्डोखर सरकार धाम पण्डोखर — 17/09/2026

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