प्रतिमाह 20-22 लाख रुपये के बिल, फिर भी कई आंगनबाड़ियों तक समय पर नहीं पहुंच रहा पोषण आहार
राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग की पाली परियोजना में रेडी टू ईट पोषण आहार की आपूर्ति व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
आरोप है कि परियोजना से प्रतिमाह करीब 20 से 22 लाख रुपये का रेडी टू ईट बिल जिला कार्यालय भेजा जा रहा है, जबकि कई आंगनबाड़ी केंद्रों तक निर्धारित समय और मात्रा में पोषण आहार नहीं पहुंच पा रहा है।