जिलाधिकारी ने बताया कि त्योहारों के दौरान मदिरा की मांग में वृद्धि होने के कारण अवैध एवं मिलावटी शराब तथा मादक पदार्थों की बिक्री और शराब की तस्करी की आशंका बढ़ जाती है।
अवैध शराब के कारोबार से जहां शासन के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वहीं इसके सेवन से जनहानि की भी आशंका बनी रहती है।
इसे दृष्टिगत रखते हुए अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना आवश्यक है।