मिलावट खोर ऐसे करते हैं मिठाइयों में मिलावट दिखने में भी एक नंबर खाने के बाद या तो 112 नंबर या 108 नंबर।

खबर जिला बरेली तहसील नवाबगंज से है, जहां त्योहारों का सीजन आते ही मिठाई की दुकानों और कारखानों में तैयार होने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ जगहों पर नियमों को ताक पर रखकर मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ होने का खतरा बना हुआ है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए मिलावटी खाद्य पदार्थ नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि त्योहारों के समय मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है और इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग मिलावट का खेल करते हैं। हालांकि खाद्य विभाग समय-समय पर सैंपलिंग और कार्रवाई की बात करता है, लेकिन स्थानीय नागरिकों की मांग है कि क्षेत्र में लगातार जांच अभियान चलाया जाए। हाल ही में नवाबगंज क्षेत्र में खाद्य विभाग द्वारा मिठाई का सैंपल लेने की कार्रवाई की खबर भी सामने आई थी। �
वहीं लोगों का सवाल है कि अगर कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो जिम्मेदार विभाग को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए। जनता का कहना है कि त्योहारों के मौके पर बाजार में बिकने वाली मिठाइयों की जांच गंभीरता से होनी चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके। वहीं नवाबगंज क्षेत्र में सेंट थॉमस स्कूल के सामने संचालित एक मिठाई कारखाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कारखाने में मिठाई निर्माण किया जाता है और इसकी जांच की जानी चाहिए कि यहां खाद्य सुरक्षा के सभी मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। � Saras CBSE अब देखना होगा कि प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या कारखानों और मिठाई दुकानों की जांच होगी? क्या नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी? यह आने वाला समय बताएगा। फिलहाल जनता की मांग है कि त्योहारों से पहले व्यापक अभियान चलाकर मिलावटखोरों पर शिकंजा कसा जाए, ताकि लोगों की आस्था और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।











