राखी के धागे में जुड़ा विश्वास: 400 बहनों ने विधायक आशीष शर्मा को बांधी राखी, मिला सुरक्षा का भरोसा

खातेगांव। नगर परिषद खातेगांव द्वारा रविवार को कलौता समाज धर्मशाला में सामूहिक राखी उत्सव हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नगर की करीब 400 लाडली बहनों, महिलाओं और बच्चियों ने विधायक आशीष शर्मा को रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की। नगर परिषद अध्यक्ष सारिका चौधरी ने भी विधायक शर्मा को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ सामाजिक एकता और नारी सम्मान का संदेश भी देखने को मिला। बहनों द्वारा विधायक को राखी बांधने के बाद विधायक आशीष शर्मा ने बहनों की सुरक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए हमेशा साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि नारी सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रेम और ममता में महिला यशोदा, कौशल्या और जीजाबाई का स्वरूप है, वहीं जब परिवार और समाज पर संकट आता है तो वही नारी अहिल्याबाई होलकर, रानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती बनकर अपनी शक्ति और स्वाभिमान का परिचय देती है। महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विधायक शर्मा ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। जरूरतमंद परिवारों को 5 किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने के साथ स्ट्रीट वेंडर योजना के माध्यम से 10 हजार से 50 हजार रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे छोटे व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है।
विधायक ने कार्यक्रम में मौजूद बहनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि खातेगांव की किसी भी बहन को किसी प्रकार की परेशानी या संकट का सामना करना पड़े तो वे स्वयं और उनकी टीम हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि आज बहनों ने जो रक्षा सूत्र बांधा है, वह केवल एक दिन का रिश्ता नहीं है, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सहयोग की जिम्मेदारी का संकल्प है।
सामूहिक राखी उत्सव के दौरान महिलाओं और बच्चियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पारंपरिक भाई-बहन के रिश्ते को सामाजिक जिम्मेदारी और महिला सशक्तिकरण के संदेश से भी जोड़ा।

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