प्रधानमंत्री' की स्पीच से बना Cult Song... अमिताभ बच्चन की मस्ती और किशोर कुमार की आवाज ने कर दिया अमर

नई दिल्ली। 70 के दशक में एक गाना आया जिसकी एक लाइन इतनी पॉपुलर हुई कि पांच दशक बाद भी उसका असर खत्म नहीं हुआ। अमिताभ बच्चन के मस्तीभरे अंदाज ने इस गीत को हमेशा-हमेशा के लिए अमर कर दिया।
गाने में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की मस्ती और किशोर कुमार की चुलबुली आवाज ने हर किसी का मन मोह लिया। यह गाना है 'माय नेम इज एंथोनी गोंसाल्व्स' (My Name Is Anthony Gonsalves)। यह 1977 में आई फिल्म 'अमर अकबर एंथनी' (Amar Akbar Anthony) का सबसे पॉपुलर गाना था। प्रधानमंत्री की स्पीच गाने में थी शामिल मगर शायद ही आपको पता हो कि इस गाने की एक लाइन असल में प्रधानमंत्री की एक स्पीच है जिसे अमिताभ बच्चन ने मस्ती-मस्ती में बोल दिया था और इस लाइन को मनमोहन देसाई ने गाने में रख लिया। खुद बिग बी ने एक ब्लॉग में इसका किस्सा बताया था।मजे-मजे में अमिताभ ने बोला था डायलॉग अगर आपने गाना सुना होगा तो 'माय नेम इज एंथोनी गोंसाल्व्स' की शुरुआत में अमिताभ ईस्टर एग से बाहर निकलते हैं और टूटी-फूटी अंग्रेजी में बोलते हैं-
'यू सी द होल कंट्री ऑफ द सिस्टम इज जक्स्टापोज्ड बाय द हीमोग्लोबिन इन द एटमॉस्फियर बिकॉज यू आर अ सोफिस्टिकेटेड रेटोरिशियन इंटॉक्सिकेटेड बाय द एक्जुबेरेंस ऑफ योर ओन वर्बोसिटी।' (You see, the whole country of the system is juxtapositioned by the hemoglobin in the atmosphere because you are a sophisticated rhetorician intoxicated by the exuberance of your own verbosity.)संसद में बोली गई थी स्पीच यह लाइन जो अमिताभ बच्चन ने मजाकिया ढंग से बोली और जिसे गाने में मजे-मजे में शामिल किया गया, वह वास्तव में यूनाइटेड किंगम के प्रधानमंत्री बेंजामिन डिजरायली के एक स्पीच का हूबहू क्वोटेशन था। अमिताभ ने बताया था-
UK की संसद में 1878 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बेंजामिन डिजरायली के दिए गए स्पीच का लगभग हूबहू क्वोटेशन है। डिजरायली (जो विलियम एवर्ट ग्लैडस्टोन का जिक्र कर रहे थे) ने 'intoxicated' (नशे में धुत) के बजाय 'inebriated' शब्द का इस्तेमाल किया था।
म्यूजिक कंपोजर को डेडिकेटेड था सॉन्ग सिर्फ इतना ही नहीं, 'माय नेम इज एंथोनी गोंसाल्व्स' के पीछे एक और एक किस्सा है। आपको लग रहा होगा कि एंथोनी गोंसाल्व्स सिर्फ एक फिक्शनल नेम है, पर ऐसा नहीं है। एंथोनी गोंसाल्व्स एक मशहूर म्यूजिक कंपोजर थे, जिन्होंने कई संगीतकार को संगीत का गुण सिखाया जिनमें लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल भी शामिल हैं।उन्होंने ही अपने गुरु को डेडिकेट करते हुए यह गाना बनाया। इस गीत को किशोर कुमार ने अपनी आवाज में अमर बना दिया। इस गाने के बोल आनंद बक्शी ने लिखे थे।












