ब्रेकिंग
बहराइच- प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को पेंशनर्स की समस्याओं की सुनवाई करेंगे अधिकारी ◆ बहराइच-सीडीओ के प्रयास से 24 घण्टे के अन्दर बहाल हुई ग्राम पवही की विद्युत आपूर्ति ◆ बहराइच: फखरपुर पुलिस ने 3.180 किलो गांजे के साथ दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार · ◆ रायबरेली के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम स्व. राजकुमार भार्गव मेमोरियल जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप का हुआ समापन ◆बहराइच- प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को पेंशनर्स की समस्याओं की सुनवाई करेंगे अधिकारी ◆ बहराइच-सीडीओ के प्रयास से 24 घण्टे के अन्दर बहाल हुई ग्राम पवही की विद्युत आपूर्ति ◆ बहराइच: फखरपुर पुलिस ने 3.180 किलो गांजे के साथ दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार · ◆ रायबरेली के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम स्व. राजकुमार भार्गव मेमोरियल जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप का हुआ समापन ◆
8 अक्टूबर 2026 · नई दिल्लीई-पेपरलॉगिन
ख़बरें, विषय, लेखक, वीडियो खोजें…खोजें
ब्रेकिंग न्यूज़भारतराजनीतिव्यापारटेक्नोलॉजीखेलप्राकृतिकसेहतशिक्षादुर्घटनाअपराधप्रशासन
लाइव टीवीलाइव टीवीब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग न्यूज़भारतभारतराजनीतिराजनीतिव्यापारव्यापारटेक्नोलॉजीटेक्नोलॉजीखेलखेलप्राकृतिकप्राकृतिकसेहतसेहतशिक्षाशिक्षादुर्घटनादुर्घटनाअपराधअपराधप्रशासनप्रशासन
प्राकृतिक1 मिनट पढ़ें

बांदा: भारी बारिश से दलपापुरवा में हाहाकार, पानी में डूबे आशियाने; कच्चे मकान ढहने से खुले आसमान के नीचे आए ग्रामीण

बांदा: भारी बारिश से दलपापुरवा में हाहाकार, पानी में डूबे आशियाने; कच्चे मकान ढहने से खुले आसमान के नीचे आए ग्रामीण
बांदा: भारी बारिश से दलपापुरवा में हाहाकार, पानी में डूबे आशियाने; कच्चे मकान ढहने से खुले आसमान के नीचे आए ग्रामीण — प्राकृतिक | City News 24

बांदा (उत्तर प्रदेश): जनपद बांदा के कमासिन थाना क्षेत्र अंतर्गत दलपापुरवा गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। गांव में भीषण जलभराव के चलते दलित बस्ती पूरी तरह जलमग्न हो गई है। घरों के भीतर कई फीट पानी भर जाने से ग्रामीणों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और उनके सामने खाने-पीने से लेकर सिर छिपाने तक का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पानी के लगातार भराव और सीलन के कारण दलित समुदाय के कई कच्चे मकान कमजोर होकर ढहने लगे हैं। घरों में रखा अनाज, कपड़े और रोजमर्रा का जरूरी सामान पानी में भीगकर बर्बाद हो चुका है। चूल्हे ठंडे पड़ जाने से बच्चों और बुजुर्गों को भूखे पेट रहने की नौबत आ गई है। आशियाना छिन जाने के बाद प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। कई परिवार बारिश और जहरीले कीड़े-मकोड़ों के खतरे के बीच खुले आसमान और तिरपाल के सहारे रात काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।

विषय
Abhishek Kushwaha
Abhishek Kushwaha
Jila reporter · City News 24
Pailani Dera, Banda 210126
प्रोफ़ाइल देखें
संबंधित ख़बरें