नागदा में शानो-शौकत से निकला ईद मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस, जगह-जगह हुआ स्वागत

नागदा। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्ललाहो अलयहेवसल्लम की विलादत की खुशी में नागदा शहर में ईद मिलादुन्नबी का भव्य जलसा शानो-शौकत और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। पूरे शहर में मिलादुन्नबी की खुशी और धार्मिक उत्साह का माहौल नजर आया। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों और मदरसों से अलग-अलग जुलूस निकाले गए। सभी जुलूस अपने-अपने क्षेत्रों से होते हुए एप्रोच रोड पर पहुंचे, जहां से मुख्य जुलूस का आगाज हुआ। जुलूस एप्रोच रोड से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, जवाहर मार्ग, दीनदयाल उपाध्याय चौक, रेलवे स्टेशन चौराहा, एम.जी. रोड, आजाद चौक, जामा मस्जिद रोड, नगर पालिका चौराहा, काल भैरव चौराहा और किलकीपुरा होते हुए टावर चौक पहुंचा। जुलूस के दौरान रास्तेभर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से स्वागत मंच लगाए गए। मंचों से जुलूस में शामिल लोगों का पुष्पवर्षा एवं विभिन्न तरीकों से स्वागत किया गया। शहर के प्रमुख मार्गों पर मिलादुन्नबी की खुशी का माहौल देखने को मिला। काल भैरव युवा मंच ने पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल जुलूस के दौरान काल भैरव युवा मंच द्वारा नरेंद्र लोहार की अगवानी में किया गया भव्य स्वागत विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंच के सदस्यों ने जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने इसे नागदा की गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बताया। जुलूस में शामिल लोगों ने भी विभिन्न स्वागत मंचों का आभार व्यक्त किया और शहर में आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। टावर चौक पर हुआ लंगर का आयोजन मुख्य जुलूस निर्धारित मार्गों से होता हुआ टावर चौक पहुंचा, जहां जुलूस के समापन अवसर पर लंगर (भंडारे) का इंतजाम किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर में शामिल होकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए आयोजकों एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईद मिलादुन्नबी का यह आयोजन धार्मिक उत्साह के साथ-साथ सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी देता नजर आया। पूरे आयोजन के दौरान नागदा की साझा संस्कृति और सौहार्दपूर्ण वातावरण की झलक देखने को मिली। शहरवासियों ने शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण आयोजन के लिए आयोजकों और सहयोग करने वाले सभी सामाजिक संगठनों का आभार व्यक्त किया।

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