संत ऋतेश्वर पहुंचे रायबरेली कैबिनेट मंत्री डा.मनोज कुमार पांडेय ने आवास पर किया स्वागत

रायबरेली में आज आध्यात्मिक और राजनीतिक माहौल एक साथ देखने को मिला। प्रसिद्ध संत ऋतेश्वर महाराज रायबरेली पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री डा.मनोज कुमार पांडेय ने अपने आवास पर उनका भव्य स्वागत किया। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डा. मनोज कुमार पांडेय ने अपने निजी आवास पर संत श्री ऋतेश्वर महाराज का माल्यार्पण कर और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। दोनों के बीच आध्यात्मिक और समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात को सियासी गलियारों में भी काफी अहम माना जा रहा है। संत ऋतेश्वर ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा चलाए जा रहे गौ संरक्षण अभियान का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि गाय सिर्फ पशु नहीं, हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार है। गौ माता की रक्षा के लिए जो भी अभियान चलाया जा रहा है, वह सराहनीय है और सभी संत समाज को इसमें एकजुट होना चाहिए। सरकार को भी इस दिशा में और कठोर कानून बनाने चाहिए। वहीं समाजवादी पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फर्जी AI वीडियो बनाए जाने के मामले पर संत रितेश्वर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी मुख्यमंत्री या संत की छवि को AI के जरिए खराब करना सनातन संस्कृति का अपमान है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को नसीहत दी कि तकनीक का इस्तेमाल समाज को जोड़ने के लिए करें, तोड़ने के लिए नहीं। AI का सकारात्मक इस्तेमाल होना चाहिए, नकारात्मक नहीं। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले पर भी संत ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में जो त्वरित कार्रवाई की है, उसका हम स्वागत करते हैं। भगवान के दरबार में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट में सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि यह एक नए अध्याय की शुरुआत है। जब मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्था एक अनुशासित सैन्य अधिकारी के हाथ में होगी तो निश्चित ही पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों बढ़ेगी। यह राम राज्य की ओर एक बड़ा कदम है। कुल मिलाकर संत रितेश्वर का रायबरेली दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। एक तरफ उन्होंने सनातन और गौ रक्षा की बात की, तो दूसरी तरफ मौजूदा सियासत को आईना दिखाते हुए मर्यादा में रहकर राजनीति करने की सलाह भी दी।









