ग्राम प्रधान ने डीएम को शिकायती पत्र दे लेखपाल पर लगाया आपदा में अवसर का आरोप जिलाधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन

फर्रुखाबाद शमसाबाद शरीफपुर छिछनी के प्रधान का आरोप 450 लाभार्थियों की सूची के बावजूद 460 किट अलग रखी गईं, 10 बचीं किट के बाद 22 किट दोबारा निकाले जाने का दावा; लेखपाल पर कोटेदार को किट बेचने का लगाया आरोप प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री के वितरण को लेकर ग्राम प्रधान ने गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्राम पंचायत शरीफपुर छिछनी के प्रधान पर्वत सिंह पुत्र झम्मन लाल ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में क्षेत्रीय लेखपाल अमित कुमार पर बाढ़ राहत किट के वितरण में अनियमितता और किट बेचने का आरोप लगाया है। प्रधान ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है।शिकायती पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत शरीफपुर छिछनी के मजरा जैतपुर में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए 450 राहत किट के लाभार्थियों की सूची क्षेत्रीय लेखपाल अमित कुमार को उपलब्ध कराई गई थी। प्रधान का आरोप है कि राहत सामग्री का वितरण 13 सितंबर को शमसाबाद स्थित गल्ला मंडी में किया गया। वितरण से पहले लेखपाल द्वारा भंडार कक्ष से 460 राहत किट अलग रखवा ली गई थीं। प्रधान के अनुसार करीब दोपहर दो बजे से शाम 7:30 बजे तक राहत सामग्री का वितरण हुआ और सूची के अनुसार लाभार्थियों को किट उपलब्ध कराई गई। इसके बाद 10 किट शेष बचने का उल्लेख शिकायती पत्र में किया गया है। शिकायती पत्र में प्रधान ने आरोप लगाया है कि 14 सितंबर को क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा दोबारा भंडार कक्ष से 22 राहत किट निकलवाई गईं। आरोप है कि इन किट को ग्राम के कोटेदार रामजीत यादव को बिक्री के रूप में दिया गया। प्रधान ने इसी को लेकर राहत सामग्री के वितरण और भंडारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। ग्राम प्रधान पर्वत सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की है कि ग्राम जैतपुर एवं कैलियाई में बाढ़ राहत सामग्री के वितरण, भंडार से निकाली गई सामग्री तथा शेष राहत किट के संबंध में उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।उप जिलाधिकारी कायमगंज अभिषेक वर्मा ने बताया कि अभी उन्हें प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। प्रार्थना पत्र प्राप्त होते ही समिति बनाकर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।राहत सामग्री के वितरण से जुड़े आरोपों के बीच अब प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। राहत किट के भंडार से निकलने, वितरण के लाभार्थियों की सूची, शेष सामग्री और कथित तौर पर निकाली गई 22 किट का रिकॉर्ड जांच का प्रमुख आधार बन सकता है। शिकायतकर्ता ग्राम प्रधान पर्वत सिंह का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा में प्रभावित परिवारों के लिए भेजी गई राहत सामग्री का पारदर्शी तरीके से वितरण होना चाहिए था। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है।

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