रायबरेली के राइजिंग चाइल्ड स्कूल में गूंजा संपूर्ण वंदे मातरम्, सामूहिक गायन से राष्ट्रभक्ति का संदेश
वंदे मातरम्’ हमारी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रीय एकता का स्वर :- अरविंद श्रीवास्तव

रायबरेली शहर के प्रभुटाउन स्थित राइजिंग चाइल्ड स्कूल में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक एवं संपूर्ण वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम भव्यता एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक के रूप में विद्या भारती से लालकृष्ण विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक अरविंद श्रीवास्तव, एडवोकेट ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रीय चेतना का भाव है। 25 सितंबर को देशभर में सामूहिक रूप से संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन का आयोजन किया जा रहा है। इसी राष्ट्रव्यापी अभियान के क्रम में राइजिंग चाइल्ड स्कूल में भी संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर नई पीढ़ी को संपूर्ण वंदे मातरम् गीत का ज्ञान एवं भाव समझना चाहिए। विद्यालयों की प्रार्थना सभा में भी वंदे मातरम् को नियमित रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना बाल्यावस्था से ही विकसित हो। विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा देने का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार और राष्ट्रभावना के निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। वंदे मातरम् का सामूहिक गायन विद्यार्थियों को भारत की गौरवशाली परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम और मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में अनुशासन, एकता और देश के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में विद्यालय की ओर से शालिनी सिंह, शिफा कायनात सहित समस्त शिक्षिकाओं ने संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी रवींद्रनाथ हरि, सावन गुप्ता सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

सेवा संकल्प अभियान में छात्र-छात्राओं ने दिखाई चित्रकारी प्रतिभा

रायबरेली में महिला बंदियों के लिए मूंज शिल्पकला कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ








