नवाबगंज में बंदर की करंट लगने से मौत गौ रक्षा के जिला अध्यक्ष दीपक पंडित ने स्थानीय लोगों के साथ कराया विधि विधान से अंतिम संस्कार।

नवाबगंज में बंदर की करंट लगने से अचानक मौत, स्थानीय लोगों ने विधि-विधान से कराया अंतिम संस्कार खबर जिला बरेली, तहसील नवाबगंज से है। नगर नवाबगंज में बरेली-पीलीभीत हाईवे पर स्थित नए पुल से कुछ दूरी आगे सड़क किनारे एक बंदर की करंट लगने से अचानक मृत्यु हो गई। सड़क किनारे बंदर का शव पड़ा देखकर वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी। बंदर की मृत्यु की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने दुख व्यक्त किया और मौके पर एकत्र होकर उसके अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल गौ रक्षा के जिला अध्यक्ष दीपक पंडित को बंदर की मृत्यु की सूचना दी। सूचना मिलते ही दीपक पंडित मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बंदर के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई। स्थानीय लोगों के अनुसार, बंदर की करंट लगने से अचानक हुई मृत्यु से लोगों में काफी दुख देखने को मिला। लोगों ने कहा कि पशु-पक्षियों के प्रति संवेदना और मानवीय जिम्मेदारी निभाना समाज का कर्तव्य है। इसी भावना के साथ स्थानीय लोगों ने बंदर के शव को सड़क किनारे पड़े रहने देने के बजाय सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया। दीपक पंडित के मौके पर पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों की मौजूदगी में बंदर के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया विधि-विधान के साथ पूरी कराई गई। इस दौरान मौजूद लोगों ने बंदर की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और श्रद्धा के साथ अंतिम विदाई दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे के किनारे अक्सर आवारा पशु और बंदर दिखाई देते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि सड़क पर किसी भी पशु के साथ दुर्घटना न हो। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से भी अपील की कि हाईवे के आसपास यदि किसी पशु की मृत्यु होती है तो उसके शव को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और अंतिम संस्कार की उचित व्यवस्था की जाए। बंदर के अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय लोगों ने जिस तरह संवेदनशीलता दिखाई, उसकी क्षेत्र में चर्चा रही। लोगों का कहना है कि इंसान ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों के प्रति भी दया और सम्मान की भावना रखना जरूरी है। मौके पर मौजूद लोगों ने दीपक पंडित का भी आभार जताया कि सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बंदर के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई। फिलहाल बंदर की अचानक मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदर का शव सड़क किनारे पड़ा मिला था, जिसके बाद उन्होंने मानवीय संवेदना दिखाते हुए उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया।

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