रायबरेली में बरगद चौराहे के ओला सर्विस सेंटर पर ग्राहकों का फूटा गुस्सा, महीनों से स्कूटी खड़ी होने का आरोप
तकनीकी खराबी, बैटरी, वायरिंग, चार्जर और इंश्योरेंस क्लेम को लेकर परेशान ग्राहक बोले- सर्विस के नाम पर हो रही मनमानी

रायबरेली शहर के बरगद चौराहे स्थित ओला सर्विस सेंटर पर मंगलवार को ग्राहकों का आक्रोश देखने को मिला। दर्जनों ग्राहकों ने सर्विस सेंटर के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया। ग्राहकों का आरोप है कि उनकी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटियां तकनीकी खराबी समेत अलग-अलग समस्याओं के चलते कई महीनों से सर्विस सेंटर में खड़ी हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्राहकों का कहना है कि कोई स्कूटी बैटरी की समस्या, कोई वायरिंग, कोई चार्जर, तो कोई इंश्योरेंस क्लेम से जुड़ी परेशानी के कारण सर्विस सेंटर पहुंची थी। कई ग्राहकों का आरोप है कि बार-बार चक्कर लगाने और शिकायत करने के बावजूद उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिल रहा है। इसके चलते सर्विस सेंटर परिसर और आसपास बड़ी संख्या में ओला स्कूटियां खड़ी दिखाई दे रही हैं। ग्राहकों ने बताया कि रायबरेली के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोग अपनी खराब स्कूटियां लेकर बरगद चौराहे स्थित सर्विस सेंटर पहुंचते हैं। कुछ ग्राहकों का कहना है कि उन्हें 50 से 100 किलोमीटर तक की दूरी तय करके वाहन लेकर आना पड़ता है। आने-जाने में किराया और समय खर्च होने के बाद भी यदि समस्या का समाधान नहीं होता तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि सर्विस सेंटर के जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा कई बार उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। कुछ लोगों ने कर्मचारियों पर मनमानी, लापरवाही और दबंगईपूर्ण व्यवहार करने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने करीब एक लाख से लेकर डेढ़-दो लाख रुपये तक की कीमत में ओला स्कूटियां खरीदी थीं। उम्मीद थी कि इलेक्ट्रिक वाहन होने के कारण उन्हें बेहतर सुविधा और कम रखरखाव का लाभ मिलेगा, लेकिन लगातार तकनीकी समस्याओं और सर्विस को लेकर हो रही परेशानी से कई ग्राहक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कुछ नाराज ग्राहकों ने यहां तक कहा कि वे ओला स्कूटी खरीदने के बाद परेशान हो चुके हैं और अब दूसरों को भी इसे खरीदने से बचने की सलाह दे रहे हैं। एक ग्राहक ने तो गुस्से में वाहन में आग लगाने तक की बात कह दी। ऐसे बयानों से ग्राहकों के बीच बढ़ती नाराजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्राहकों का आरोप है कि सर्विस सेंटर पर विवाद की स्थिति कई बार पैदा हो चुकी है और पुलिस को भी मौके पर आना पड़ा है। इसके बावजूद ग्राहकों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्राहकों ने कंपनी के उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर सर्विस सेंटर की कार्यप्रणाली की जांच कराने और लंबित वाहनों की समस्याओं का जल्द निस्तारण कराने की मांग की है। जाफर हुसैन, शिवम यादव, सुशील सिंह, हरिकेश, शशिकांत वर्मा समेत दर्जनों ग्राहकों ने ओला कंपनी की सर्विस व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। ग्राहकों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों से सामूहिक शिकायत करेंगे। ग्राहकों का कहना है कि सर्विस सेंटर परिसर में खड़ी सैकड़ों स्कूटियां कंपनी की सर्विस व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर रही हैं। वहीं, ग्राहकों द्वारा लगाए गए आरोपों पर ओला सर्विस सेंटर के जिम्मेदार पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

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