बच्चों की सेहत से खिलवाड़ की शिकायत, अलीगंज में फास्ट फूड दुकानों पर खाद्य विभाग की कार्रवाई

अलीगंज, एटा। फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाली ग्रेवी की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलीगंज क्षेत्र में कार्रवाई की। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फास्ट फूड दुकानों पर मोमो, चाऊमीन और मंचूरियन में इस्तेमाल की जा रही ग्रेवी खराब गुणवत्ता की हो सकती है, जिससे खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित फास्ट फूड कॉर्नर से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। खाद्य सुरक्षा विभाग के फूड इंस्पेक्टर विमल कुमार ने कार्रवाई करते हुए फास्ट फूड कॉर्नर पर पहुंचकर वहां तैयार किए जा रहे खाद्य पदार्थों और ग्रेवी की जांच की। टीम ने मोमो, चाऊमीन तथा मंचूरियन में इस्तेमाल होने वाली ग्रेवी के नमूने लिए। नमूने एकत्र करने के बाद उन्हें नियमानुसार सील किया गया, ताकि उनकी गुणवत्ता की प्रयोगशाला में निष्पक्ष जांच कराई जा सके। शिकायत के बाद हरकत में आया विभाग बताया गया कि एक व्यक्ति ने खाद्य सुरक्षा विभाग से शिकायत की थी। शिकायत में खराब ग्रेवी के कारण बच्चों के बीमार होने की आशंका जताई गई थी। शिकायतकर्ता की ओर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। इसके बाद विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई की। फूड इंस्पेक्टर विमल कुमार द्वारा लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित ग्रेवी और खाद्य पदार्थ खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। रिपोर्ट में यदि किसी तरह की मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी खामी सामने आती है तो नियमानुसार संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। अलग-अलग जिलों में भी दुकानें चलाने की बात जिन फास्ट फूड कॉर्नर से नमूने लिए गए हैं, उनके संचालकों में बिष्णु नेपाली का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि संबंधित फास्ट फूड विक्रेता नेपाल मूल के हैं और अलग-अलग जिलों में फास्ट फूड की दुकानें संचालित करते हैं। अलीगंज में भी इनके द्वारा मोमो, चाऊमीन और मंचूरियन समेत अन्य फास्ट फूड खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास के फास्ट फूड विक्रेताओं में भी हलचल दिखाई दी। विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया है। रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों को सील कर प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। विभाग की इस कार्रवाई से फास्ट फूड कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, बच्चों और आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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