रायबरेली में शुभाशीष संस्थान में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

रायबरेली, 10 अक्टूबर 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माननीय सचिव महोदय के आदेशानुसार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शुभाशीष संस्थान में विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार श्रीवास्तव जी ने की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री राजकुमार सिंह जी, चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल ने उपस्थित लोगों को विधिक अधिकारों, कानूनी सहायता तथा विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक डॉ. क्षमा श्रीवास्तव एवं निदेशक श्री ऐश्वर्य श्रीवास्तव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर काउंसलर एवं मोटिवेशनल स्पीकर श्री नीरज श्रीवास्तव ने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक सोच तथा जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के विषय में उपयोगी जानकारी साझा की।
पराविधिक स्वयंसेवक श्री पवन कुमार श्रीवास्तव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के महत्व एवं वर्ष 2026 की थीम “जीने के अनुभव को सुना जाए — सच्ची आवाज़, सच्चा बदलाव” के संदर्भ में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस थीम का प्रमुख उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे अथवा उनसे उबर चुके लोगों के अनुभवों और उनकी कहानियों को सुनना, उनकी आवाज़ को महत्व देना तथा उनके अनुभवों के आधार पर सकारात्मक बदलाव को प्रोत्साहित करना है।
शिविर में संपता पेरेंट्स एंड गार्जियंस ऑर्गनाइजेशन ऑफ मेंटली चैलेंज्ड पर्सन्स के निदेशक श्री वैभव श्रीवास्तव एवं कार्यक्रम निदेशक श्रीमती प्रांजलि श्रीवास्तव ने भी मानसिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य जागरूकता तथा दिव्यांगजनों एवं उनके परिवारों के कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करना तथा लोगों को उनके विधिक अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर पराविधिक स्वयंसेवक श्री मनोज कुमार प्रजापति एवं श्री पवन कुमार श्रीवास्तव सहित संस्थान के कर्मचारीगण, अभिभावकगण एवं बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, संवेदना, सहयोग एवं अपनी बात कहने का अवसर मिलना चाहिए। समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वह ऐसे व्यक्तियों के लिए एक सुरक्षित, समावेशी एवं सहयोगपूर्ण वातावरण का निर्माण करे।










