बदायूं:के ग्राम कैथोला में बुखार का कहर, 20 दिन में पांच बच्चों की मौत से मचा हड़कंप

दिनांक 12 अक्टूबर दिन सोमवार को कादरचौक क्षेत्र के ग्राम कैथोला में स्वास्थ्य विभाग दवाई का कैंप लगाया गया। मौके पर एसीएमओ टीम के साथ पहुंचकर बच्चों के परिवार से भी पूछताछ की गई। गांव में बुखार का भीषण प्रकोप फैला हुआ है, जिसके कारण पिछले 20 दिनों के भीतर 5 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस दुखद घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बीमारी का कहर ग्राम कैथोला में पिछले करीब एक महीने से घर-घर में लोग बुखार से पीड़ित हैं। मासूमों की मौत अब तक जिन 5 बच्चों की जान गई है, उनमें दो लड़के और तीन लड़कियां शामिल हैं। हाल ही में हुई मौतों के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई एक ही गांव में इतनी संख्या में बच्चों की मौत की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। विभाग की ओर से गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया ताकि अन्य बीमार लोगों की जांच और इलाज समय पर किया जा सके। एसीएमओ की टीम पहुंची ग्राम कैथोला (कादरचौक, बदायूं) में बुखार के भीषण प्रकोप और मासूम बच्चों की जान जाने की खबर बेहद दुखद है। आज, सोमवार 12 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य विभाग (ACMO टीम) द्वारा गाँव में दवाई का कैंप लगाया गया है और प्रभावित परिवारों से पूछताछ कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।चूंकि गाँव में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों के निर्देशों का पालन करना और तुरंत सही इलाज पाना सबसे महत्वपूर्ण है।बुखार के लक्षण होने पर तुरंत क्या करें तुरंत डॉक्टर को दिखाएं: गाँव में लगे स्वास्थ्य विभाग के कैंप या नजदीकी सरकारी अस्पताल (CHCs/PHCs) में मरीज़ को तुरंत लेकर जाएं। खुद से कोई भी भारी दवा (जैसे पेनकिलर या बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स) न लें। खून की जांच करवाएं: स्वास्थ्य टीम से मिलकर तुरंत खून की जांच (जैसे मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड आदि के लिए) करवाएं ताकि बीमारी का सही पता चल सके। पानी और तरल पदार्थ दें: बुखार में शरीर में पानी की कमी (Dehydration) हो जाती है। मरीज़ को ओआरएस (ORS) का घोल, नारियल पानी, या साफ उबला हुआ पानी बार-बार पिलाएं पट्टी करें: अगर बुखार बहुत तेज हो, तो साफ और सामान्य पानी की पट्टियां सिर और पूरे शरीर पर रखें ताकि तापमान कम हो सके बीमारी को फैलने से रोकने के उपाय ठहरा हुआ पानी हटाएं: घरों के आसपास, कूलर, पुराने टायर, या गड्ढों में पानी जमा न होने दें। मच्छरों के पनपने की यह सबसे मुख्य जगह होती है मच्छरदानी का प्रयोग करें: सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, खासकर बच्चों और बीमार लोगों के लिए। फुल बाजू के कपड़े: बच्चों को पूरी आस्तीन (बाजू) के कपड़े और पैंट पहनाएं ताकि वे मच्छरों के काटने से बच सकें।क्या आपके परिवार या पड़ोस में अभी भी कोई गंभीर रूप से बीमार है? यदि आप प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग के किसी विशिष्ट संपर्क नंबर या नजदीकी आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी चाहते हैं, तो मुझे बताएं ताकि मैं आपकी तुरंत मदद कर सकूं।

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