बांदा में मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश: रायपुर से 20 हजार में बेची गई महिला सकुशल रेस्क्यू, 4 गिरफ्तार

बांदा (उत्तर प्रदेश): जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मानव तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने रायपुर (छत्तीसगढ़) से लाकर बेची गई एक महिला को सकुशल रेस्क्यू कर लिया है और खरीद-फरोख्त के इस काले कारोबार में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 19 अगस्त को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि बदौसा थाना क्षेत्र के हड़हामाफी गांव में एक महिला की खरीद-फरोख्त की गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एएचटीयू पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) कराया गया और उसके बयान दर्ज कर उसे सुरक्षा की दृष्टि से 'वन स्टॉप सेंटर' भेज दिया गया। 20 हजार रुपये में हुआ था सौदा, बिचौलिया भी धराया मामले की जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में अहम सुराग मिले। 20 अगस्त को पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए बड़ोखर खुर्द बाईपास चौराहे के पास से चार आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विनय, रामभवन, गरीबदास और उदित उर्फ लक्कू के रूप में हुई है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि महिला को रायपुर से बहला-फुसलाकर बांदा लाया गया था और यहाँ उसे मात्र 20 हजार रुपये में बेचा गया था। पूरे मामले में आरोपी उदित उर्फ लक्कू ने मुख्य दलाल (मध्यस्थ) की भूमिका निभाई थी।
BNS की नई धाराओं के तहत कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ थाना एएचटीयू में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2) (मानव तस्करी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता: रायपुर (छ.ग.) से लाकर बांदा में बेची गई थी।
- सौदा: 20,000 रुपये में तय हुआ था।
- गिरफ्तार आरोपी: विनय, रामभवन, गरीबदास और उदित उर्फ लक्कू (मध्यस्थ)।
- दर्ज धारा: 143(2) BNS (थाना AHTU)।

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