शादी का सपना दिखाकर ठगी का खेल, देवास पुलिस ने लुटेरी दुल्हन गिरोह के 4 सदस्यों को दबोचा

देवास। शादी… एक ऐसा रिश्ता, जिसे लोग जिंदगी भर के भरोसे और नए जीवन की शुरुआत से जोड़कर देखते हैं। लेकिन इसी भरोसे को हथियार बनाकर लोगों को ठगने वाला एक गिरोह देवास में सामने आया है। शादी करवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले इस गिरोह के खिलाफ बैंक नोट प्रेस थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामले में पुलिस ने नंदिनी मेहरा उर्फ रोशनी, सकुन बाई, रवि जरिया और सोनिया केवट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने शादी करवाने के नाम पर फरियादी के साथ धोखाधड़ी की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और जल्द ही चारों आरोपियों तक पहुंच गई।
पहले भरोसा जीता, फिर शादी के नाम पर लगाया चूना
मामला सिर्फ पैसे की ठगी तक सीमित नहीं था, बल्कि शादी जैसे संवेदनशील रिश्ते को माध्यम बनाकर विश्वास हासिल करने का आरोप है। फरियादी ने बैंक नोट प्रेस थाने पहुंचकर शादी करवाने के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 592/2026 दर्ज करते हुए धारा 318(4), 319(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण कायम किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने एक-एक कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
चार अलग-अलग जिलों से जुड़े आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नंदिनी मेहरा उर्फ रोशनी (28), निवासी ग्राम झीना, पिपरिया, जिला कटनी; सकुन बाई (52), निवासी धामनोद, जिला धार; रवि जरिया (44), निवासी सुंदर नगर, इंदौर और सोनिया केवट (25), निवासी ग्राम रायपुरा, जिला जबलपुर शामिल हैं।
पुलिस ने चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
कहानी अभी खत्म नहीं हुई...
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह गिरोह सिर्फ एक मामले तक सीमित था या इसके पीछे ठगी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? शादी के नाम पर कितने लोगों से संपर्क किया गया, कितने लोगों को निशाना बनाया गया और इस पूरे खेल में आरोपियों की भूमिका क्या थी—इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
यानी चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन शादी के नाम पर ठगी के इस खेल की पूरी कहानी सामने आना अभी बाकी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गजेन्द्र सिंह वर्धमान के निर्देशन, उप पुलिस अधीक्षक (एलआर) अभिषेक गौतम के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी बैंक नोट प्रेस निरीक्षक प्रीति कटारे के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
कार्रवाई में उप निरीक्षक कृष्णा सूर्यवंशी, सहायक उप निरीक्षक कमल सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक हिमांशु कुशवाहा, आरक्षक दीपेंद्र शर्मा, प्रदीप यादव, महिला आरक्षक शिवानी कुशवाह, मोनिका चौहान, प्रधान आरक्षक शिवप्रताप सिंह तथा साइबर सेल के सचिन चौहान का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
फिलहाल चारों आरोपी जेल में हैं और पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि शादी के नाम पर ठगी करने वाले इस गिरोह के तार और कितने लोगों से जुड़े हैं।












Bheem Maurya