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23 अगस्त 2026 · नई दिल्लीई-पेपरलॉगिन
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वन विभाग द्वारा खेत में खड़ी फसल नष्ट किए जाने का आरोप, किसानों का दर्द सुनने पहुंचीं भाजपा अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष टिंकी बरेला—जांच और मुआवजे की मांग

वन विभाग द्वारा खेत में खड़ी फसल नष्ट किए जाने का आरोप, किसानों का दर्द सुनने पहुंचीं भाजपा अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष टिंकी बरेला—जांच और मुआवजे की मांग
वन विभाग द्वारा खेत में खड़ी फसल नष्ट किए जाने का आरोप, किसानों का दर्द सुनने पहुंचीं भाजपा अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष टिंकी बरेला—जांच और मुआवजे की मांग — अपराध | City News 24

कांटाफोड़। देवास जिले के कांटाफोड़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सुन्दरेल के ग्राम पंचोली टप्पर में किसानों की खड़ी फसल नष्ट किए जाने का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा खेतों में खड़ी फसल को नष्ट कर दिया गया, जिससे प्रभावित किसान परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की जिलाध्यक्ष टिंकी बरेला पंचोली टप्पर पहुंचीं और प्रभावित किसान परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान किसानों ने उन्हें अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि मेहनत से तैयार की गई खड़ी फसल नष्ट होने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।

टिंकी बरेला ने कहा कि किसान के लिए खड़ी फसल केवल फसल नहीं, बल्कि उसके परिवार की रोजी-रोटी और पूरे वर्ष की मेहनत का आधार होती है। यदि किसी प्रकार की कार्रवाई आवश्यक थी, तो संबंधित परिवारों को नियमानुसार अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि वन संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसके साथ वन क्षेत्र में रहने वाले गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की आजीविका और अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है। किसी भी कार्रवाई में कानून के साथ मानवीय संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। टिंकी बरेला ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में बिना उचित प्रक्रिया के फसल नष्ट किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उचित कार्रवाई की जाए।

उन्होंने प्रभावित किसान परिवारों की नष्ट हुई फसल का सर्वे कर नुकसान का आकलन करने तथा उन्हें उचित मुआवजा एवं भरपाई दिलाने की मांग की। साथ ही क्षेत्रीय विधायक मुरली भंवरा से मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का आग्रह किया।

टिंकी बरेला ने कहा, “कानून का पालन जरूर हो, लेकिन इंसानियत के साथ।” प्रशासन को वन संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका के बीच संतुलन बनाते हुए प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, फसल नुकसान का उचित आकलन और पीड़ित किसान परिवारों को राहत एवं मुआवजा दिलाने की मांग की है।

Ravi kumre
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रिपोर्टर · City News 24
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