जनसुनवाई में असंतुष्ट एवं रिपीटेड शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम सख्त

भदोही, 18 अगस्त, 2026। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में आज जनसुनवाई से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन ,परिषद, मा0 आयोग, आयुक्त संदर्भ, जन शिकायत, आइ जीआर एस, एवं संपूर्ण समाधान दिवस, कथा माननीय उच्च न्यायालय में लंबित वाद,असंतुष्ट संदर्भों, माह जुलाई 2026 की रैंकिंग तथा रिपीटेड संदर्भों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिपीटेड शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतकर्ता को केवल औपचारिक निस्तारण की सूचना देने के बजाय उसकी समस्या का वास्तविक समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
असंतुष्ट शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने असंतुष्ट शिकायतों की समीक्षा करते हुए पाया कि कुछ प्रकरणों में शिकायतकर्ताओं से समुचित संपर्क नहीं किया गया तथा शिकायतें लंबित हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता जल निगम, जिला समाज कल्याण अधिकारी, एडीओ पंचायत औराई, एडीओ पंचायत अभोली, एडीओ पंचायत ज्ञानपुर, अधिशासी अभियंता यांत्रिक जिला पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी डीघ एवं अभोली को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता की संतुष्टि एवं समस्या के वास्तविक समाधान के आधार पर किया जाए। अधिकारी शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसकी समस्या को समझें तथा निस्तारण की कार्रवाई का स्पष्ट एवं तथ्यात्मक विवरण पोर्टल पर दर्ज करें।
एसएचओ सुरियावां की अनुपस्थिति पर वेतन रोकने के निर्देश
बैठक में एसएचओ सुरियावां की अनुपस्थिति का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी को वेतन रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लंबित न्यायिक प्रकरणों एवं वादों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित न्यायिक प्रकरणों को समय से दाखिल किया जाए तथा वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अवमानना वादों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण अवमानना वाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा शासन की मंशा के अनुरूप जनसामान्य को प्रभावी एवं समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय नारायण सिंह मुख्य विकास अधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











