बहुत बड़ी शर्मनाक घटना तिरपाल तानकर करना पड़ा परिवार बालों को ऐसा काम प्रशासन बैठा आंखें बंद किए ।

बरेली जनपद के नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सैदपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने ग्रामीण व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सैदपुर गांव, जो कि खामपुर उर्फ गंगापुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है, वहां ग्रामीणों को आज भी अंतिम संस्कार के लिए उचित स्थान की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मामला उस समय सामने आया जब गांव निवासी नेमचंद मौर्य की बेटी का निधन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों को भारी बारिश के बीच खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। लगातार हो रही बारिश के बीच किसी तरह छाता और त्रिपाल का सहारा लेकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों की आंखों में प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर आक्रोश साफ दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में खुले स्थान पर अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन और पीड़ादायक स्थिति होती है। ऐसी परिस्थितियों में परिवार को पहले ही दुख का सामना करना पड़ता है और ऊपर से मौसम की मार उनकी परेशानी को और बढ़ा देती है। इस समस्या को ग्राम डंडिया बीरम नगला के वर्तमान प्रधान पति एवं वार्ड नंबर 6 से जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी बाबूराम जी और ग्राम सैदपुर के ग्रामीणों ने प्रमुखता से उठाया है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि ग्राम सैदपुर में जल्द से जल्द एक व्यवस्थित अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं ग्राम प्रधान मुन्नी देवी पत्नी खगेंद्र कुमार और ग्रामीणों ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि गांव में अंत्येष्टि स्थल का होना बेहद जरूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों में अंतिम संस्कार स्थल जैसी मूलभूत सुविधा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में अन्य ग्रामीणों को भी इसी तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर शासन और प्रशासन कितनी जल्द पहल करता है और क्या ग्राम सैदपुर में जल्द ही एक स्थायी अंत्येष्टि स्थल का निर्माण शुरू हो पाता है या नहीं।

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