गंगा की धार होगी सीधी, बाढ़ से मुक्ति**ड्रोन सर्वे के साथ मास्टर प्लान तैयार

फर्रुखाबाद गंगा नदी के उफान से हर साल तबाही झेलने वाले फर्रुखाबाद को अब बाढ़ की विभीषिका से स्थायी निजात मिलने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इस दिशा में एक बड़ा वैज्ञानिक कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की पहल पर गंगा नदी में 'ड्रेजिंग' (नदी की तलहटी से गाद निकालने) की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आधुनिक ड्रोन सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना को पूरी तरह वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने देश के प्रमुख संस्थान आईआईटी कानपुर का सहयोग लिया है। डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर राजीव सिन्हा और सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता के.पी. पांडेय के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर तकनीकी पहलुओं पर मंथन किया।
सर्वे की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने नदी के प्रवाह क्षेत्र में 5 ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया है, जहां गंगा की जलधारा को ड्रेजिंग के जरिए सीधा और व्यवस्थित किया जाएगा। सिंचाई विभाग की मैकेनिकल इंजीनियरिंग टीम ने कानपुर से आकर ड्रोन के जरिए नदी के घुमाव, जलधारा की गति और तलहटी में जमा गाद का गहन अध्ययन किया है। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने बताया कि वर्तमान में गंगा नदी के टेढ़े-मेढ़े घुमाव और गाद जमने के कारण मानसून के दौरान पानी का बहाव अवरुद्ध होता है, जिससे कटान और तटीय ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की विकराल स्थिति बनती है। जलधारा सीधी होने से नदी का प्राकृतिक प्रवाह तेज होगा। दर्जनों तटीय गांवों और कृषि योग्य भूमि को डूबने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने यही बताया कि विशेषज्ञों के सुझाव और ड्रोन डेटा के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है।











