दतिया में हिंदी महोत्सव के समापन समारोह में कलेक्टर ने छात्राओं को दिया सफलता का मंत्र

कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े बोले—शुरुआत में परिणाम न दिखे तो निराश न हों, मेहनत जारी रखें
दतिया। सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दतिया में हिंदी महोत्सव के तहत संगोष्ठी, सम्मान एवं समापन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने सहभागिता कर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें जीवन में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच तथा धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री वानखड़े ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि स्कूल में किसी विद्यार्थी का प्रदर्शन उसके पूरे जीवन की सफलता तय नहीं करता। जीवन में आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति की सोच, लक्ष्य निर्धारित करने की क्षमता और लगातार प्रयास करना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि कोई विद्यार्थी 12वीं कक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाता है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि उसके भविष्य के रास्ते बंद हो गए। वही विद्यार्थी आगे चलकर वैज्ञानिक, सफल नेतृत्वकर्ता या आईएएस अधिकारी भी बन सकता है।
12वीं के बाद लक्ष्य तय करने की दी सलाह
कलेक्टर ने छात्राओं से कहा कि 12वीं कक्षा के बाद अपने जीवन का लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित करें। लक्ष्य बड़ा रखें और उसे हासिल करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से लगातार प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा कि सफलता के रास्ते में कई बार कठिनाइयां आती हैं और शुरुआती दौर में मेहनत का परिणाम दिखाई नहीं देता, लेकिन ऐसी स्थिति में निराश होने के बजाय प्रयास जारी रखना चाहिए।
उन्होंने छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि “शुरुआत में परिणाम न दिखे तो निराश न हों, मेहनत जारी रखें।” उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए धैर्य और निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
बांस के पौधे का उदाहरण देकर समझाया सफलता का रहस्य
कलेक्टर श्री वानखड़े ने छात्राओं को सफलता और मेहनत का महत्व समझाने के लिए बांस के पौधे का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि बांस का पौधा शुरुआती वर्षों में जमीन के ऊपर बहुत तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई नहीं देता। इस दौरान उसकी जड़ें जमीन के अंदर मजबूत आधार तैयार करती रहती हैं। कुछ समय बाद जब उसकी जड़ें मजबूत हो जाती हैं, तब उसका विकास तेजी से दिखाई देने लगता है।
उन्होंने कहा कि इंसान के जीवन में भी कई बार ऐसा ही होता है। व्यक्ति लगातार मेहनत करता है, लेकिन उसका परिणाम तुरंत दिखाई नहीं देता। इसका मतलब यह नहीं कि मेहनत व्यर्थ जा रही है। कई बार यही मेहनत भविष्य की सफलता के लिए मजबूत नींव तैयार कर रही होती है। इसलिए विद्यार्थियों को कठिन समय में धैर्य नहीं खोना चाहिए और अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
छात्राओं का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं को सकारात्मक सोच रखने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में आगे बढ़ने की क्षमता होती है, जरूरत केवल अपनी प्रतिभा को सही दिशा देने और लगातार प्रयास करने की है।
हिंदी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में छात्राओं की सहभागिता और उपलब्धियों को भी प्रोत्साहित किया गया। कलेक्टर ने छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी एवं लगन से मेहनत करें।
समापन समारोह में कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े का प्रेरणादायी संबोधन छात्राओं के लिए उत्साहवर्धक रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ जीवन में लक्ष्य, अनुशासन, धैर्य और निरंतर प्रयास के महत्व का संदेश मिला।










