जयपुर मुहाना थाना पुलिस की कार्रवाई ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत आरोपी पकड़ा

🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | जयपुर
साइबर ठगों को कमीशन लेकर नकद उपलब्ध करवाने वाला युवक गिरफ्तार
जयपुर। पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण श्री राजर्षि राज IPS के निर्देशन में मुहाना थाना पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की रकम बैंक खातों में प्राप्त कर कमीशन लेकर नकद उपलब्ध करवाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना है।
🔎 ऐसे करता था साइबर ठगी की रकम का लेन-देन
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी अपने बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम प्राप्त करता था। इसके बाद कमीशन लेकर रकम नकद निकालकर साइबर ठगों को उपलब्ध करवाता था या दूसरे खातों में ट्रांसफर करता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी के दो बैंक खातों के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर पांच शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, उसके बैंक खातों का इस्तेमाल देश के पांच अलग-अलग स्थानों या राज्यों के लोगों से कथित तौर पर ठगी गई रकम के लेन-देन में किया गया।
👮 गिरफ्तार आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान योगेंद्र सिंह पाल (21 वर्ष), पुत्र चंद्रपाल, निवासी देव नगर, सी रामपुरा रोड, थाना मुहाना, जयपुर के रूप में हुई है।
पुलिस तकनीकी विश्लेषण और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी तक पहुंची। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है, ताकि साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके।
👮 इन अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त दक्षिण श्री राजर्षि राज IPS के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री ललित कुमार शर्मा के मार्गदर्शन तथा सहायक पुलिस आयुक्त मानसरोवर श्री हेमेंद्र शर्मा के निकट पर्यवेक्षण में की गई।
मुहाना थाना प्रभारी श्री मुकेश कुमार खारड़िया के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में मुहाना थाना पुलिसकर्मियों के साथ जयपुर दक्षिण की तकनीकी एवं साइबर शाखा के कर्मचारी भी शामिल रहे।
⚠️ पुलिस की आमजन से अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कमीशन के लालच में किसी अन्य व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या यूपीआई आईडी इस्तेमाल करने के लिए न दें। साइबर ठगी की रकम अपने खाते में प्राप्त करना और उसे आगे ट्रांसफर करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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