त्योहारों में मिलावट रोकने चलेगा विशेष निरीक्षण अभियान जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक

भोपाल। जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक अपर कलेक्टर प्रकाश नायक की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित की गई। बैठक में आगामी त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम, छात्रावासों, विद्यालयों, अस्पतालों एवं मेस-कैंटीन में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की जांच, खाद्य कारोबारकर्ताओं के प्रशिक्षण तथा शासकीय संस्थानों में सुरक्षित भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक एवं अन्य अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में खाद्य पदार्थों के निरीक्षण, नमूना संकलन, न्यायालयीन प्रकरणों, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री की गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई से 12 अक्टूबर 2026 तक जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कुल 564 निरीक्षण किए गए। इस अवधि में 337 रेगुलेटरी एवं 409 सर्विलांस नमूने संकलित किए गए। प्रयोगशाला जांच में 20 नमूने मानक तथा 17 नमूने असुरक्षित पाए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जब्त खाद्य सामग्री का कुल मूल्य 32 लाख 40 हजार 131 रुपये बताया गया। दूध, पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निरीक्षण एवं नमूना संकलन की कार्रवाई निरंतर जारी रखने पर जोर दिया गया। असुरक्षित पाए गए नमूनों के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि विगत तीन माह में अपर कलेक्टर न्यायालय में खाद्य सुरक्षा संबंधी 68 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 13 प्रकरणों का निराकरण किया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान और सुरक्षित खाद्य व्यवहार के प्रति नागरिकों एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं को जागरूक करने के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 19 कार्यक्रम, 30 जन-जागरूकता कार्यक्रम तथा 17 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के अंतर्गत कुल 916 खाद्य नमूनों की टेस्टिंग की गई। आगामी दशहरा, नवरात्रि एवं दीपावली के मद्देनजर मिठाइयों, दूध एवं दुग्ध उत्पादों, नमकीन तथा अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने, संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लेने तथा खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं रखरखाव की परिस्थितियों की जांच करने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निजी एवं शासकीय छात्रावासों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, अस्पतालों तथा आवासीय शिक्षण संस्थानों में संचालित मेस और कैंटीन की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई। भोजन एवं खाद्य सामग्री में छिपकली सहित अवांछित जीव-जंतु पाए जाने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की आवश्यकता पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। अधिकारियों की टीमें गठित कर संबंधित संस्थानों में निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान रसोईघर की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, कीट एवं जीव-जंतुओं से बचाव, भोजन तैयार करने एवं परोसने में स्वच्छता मानकों के पालन तथा आवश्यक खाद्य सुरक्षा पंजीयन एवं लाइसेंस की जांच करने पर जोर दिया गया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की उचित मूल्य दुकानों, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ियों, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था तथा आबकारी विभाग सहित विभिन्न शासकीय विभागों के क्लब, कैंटीन एवं मेस में लागू खाद्य सुरक्षा प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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