अमेरिका में बनेगा श्री पण्डोखर सरकार का भव्य मंदिर

दतिया पण्डोखर
ग्रेटर ह्यूस्टन में 7 एकड़ भूमि दान में मिली, साथ ही बनेगा नीम करौली धाम; सनातन संस्कृति के वैश्विक विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक पहल
ग्रेटर ह्यूस्टन (टेक्सास), अमेरिका। सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत अमेरिका के ग्रेटर ह्यूस्टन, टेक्सास में श्री पण्डोखर सरकार के भव्य मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मंदिर के लिए 7 एकड़ भूमि दान में प्राप्त हुई है। इस भूमि पर श्री पण्डोखर सरकार के भव्य मंदिर के साथ नीम करौली धाम का भी निर्माण किया जाएगा। यह पहल अमेरिका में निवास करने वाले भारतीय मूल के श्रद्धालुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।
पण्डोखर धाम के पीठाधीश्वर, त्रिकालदर्शी गृहस्थ संत परमपूज्य अनंत विभूषित श्री गुरुशरण जी महाराज के दिव्य सान्निध्य में तथा पंडित विभू दत्त मिश्रा जी के कुशल निर्देशन में मंदिर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास संपन्न हुआ। इस पावन अवसर ने अमेरिका की धरती पर सनातन संस्कृति की जड़ों को और अधिक सुदृढ़ करने की संभावनाओं को नई दिशा प्रदान की है।
पण्डोखर धाम के संस्थापक एवं ट्रस्ट के सचिव मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य गुरुदेव श्री गुरुशरण जी महाराज इन दिनों अमेरिका प्रवास पर हैं। इस यात्रा में उनके शिष्य एवं सहायक अमृतबिंदु शर्मा भी उनके साथ हैं। गुरुदेव के सान्निध्य में अमेरिका में आयोजित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और भारतीय संस्कृति के वैश्विक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
सात एकड़ भूमि पर साकार होगा श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक केंद्र
मुकेश गुप्ता ने कहा कि ग्रेटर ह्यूस्टन में श्री पण्डोखर सरकार के मंदिर के लिए सात एकड़ भूमि दान में मिलना श्रद्धा, उदारता और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। प्रस्तावित परिसर में श्री गुरुशरण जी महाराज के सानिध्य में श्री पण्डोखर सरकार के भव्य मंदिर के साथ ही नीम करौली धाम भी बनाया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में दोनों आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
मंदिर के निर्माण से अमेरिका और आसपास के क्षेत्रों में निवास करने वाले भारतीय मूल के परिवारों तथा पण्डोखर सरकार के भक्तों को स्थानीय स्तर पर दर्शन, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेने की सुविधा सुलभ होगी। भारत से हजारों मील दूर रहते हुए भी श्रद्धालु अपनी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं से निरंतर जुड़े रह सकेंगे।
पूजा स्थल ही नहीं, भारतीय संस्कृति का केंद्र बनेगा मंदिर
प्रस्तावित मंदिर परिसर केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन जीवन-दर्शन, धार्मिक शिक्षा, संस्कारों और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने वाले केंद्र के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विदेशों में जन्म लेने और पले-बढ़े भारतीय मूल के बच्चों तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना आज की महती आवश्यकता है। ऐसे आध्यात्मिक केंद्र नई पीढ़ी को भारतीय धर्मग्रंथों, परंपराओं, भाषाओं और संस्कारों से परिचित कराने के साथ-साथ सेवा, सद्भाव, अनुशासन और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रेरित कर सकते हैं।
श्री पण्डोखर सरकार के मंदिर और नीम करौली धाम का प्रस्तावित संयुक्त परिसर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनने के साथ भारतीय सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
अमेरिका में सनातन संस्कृति का संदेश पहुँचा रहे श्री गुरुशरण जी महाराज*
पूज्य श्री गुरुशरण जी महाराज का अमेरिका प्रवास विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सनातन धर्म के शाश्वत संदेश को व्यापक स्तर पर पहुँचाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ह्यूस्टन में हिन्दू स्वयंसेवक संघ (HSS) के कार्यक्रम में उन्होंने सनातन धर्म की महिमा, भारतीय संस्कृति और संस्कारों के महत्व पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया।
इसके अतिरिक्त, पूज्य गुरुदेव ह्यूस्टन स्थित 98.7 मसाला रेडियो के स्टूडियो भी पहुँचे थे, जहाँ उनके आगमन और रेडियो संवाद के माध्यम से भारतीय अध्यात्म एवं सनातन परंपरा से जुड़े विचारों को जनसामान्य तक पहुँचाने का अवसर मिला।
गुरुदेव के साथ अमेरिका प्रवास पर गए उनके शिष्य एवं सहायक अमृतबिंदु शर्मा भी इस आध्यात्मिक यात्रा में सहभागी हैं। यह प्रवास अमेरिका में निवास करने वाले भारतीय मूल के परिवारों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और सनातन जीवन-मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक क्षितिज पर सनातन संस्कृति का गौरव*
मुकेश गुप्ता ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा सदियों से संपूर्ण मानवता को प्रेम, सेवा, त्याग, सहिष्णुता, परोपकार और सद्भाव का संदेश देती आई है। अमेरिका की धरती पर श्री पण्डोखर सरकार के भव्य मंदिर और नीम करौली धाम की स्थापना की पहल इस आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रेरणादायी कदम है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रस्तावित मंदिर परिसर शीघ्र साकार होकर अमेरिका में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सकेगी और सनातन संस्कृति के शाश्वत मूल्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा।
'धर्मो रक्षति रक्षितः' अर्थात धर्म की रक्षा करने वाले की रक्षा धर्म स्वयं करता है। इसी शाश्वत भाव के साथ अमेरिका की धरती पर श्री पण्डोखर सरकार के भव्य मंदिर और नीम करौली धाम की स्थापना का यह संकल्प विश्व में प्रेम, शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश प्रसारित करे, यही श्री पण्डोखर सरकार के श्रीचरणों में प्रार्थना है।
भवदीय - मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) पण्डोखर - 26/10/2026

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