शरद पूर्णिमा पर बरसा काव्य रस, महर्षि वाल्मीकि जयंती पर हुई काव्य गोष्ठी

सीहोर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला सीहोर के बैनर तले आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर कवि त्रिलोचन प्रसाद दुबे के निवास, नरेंद्र नगर स्टेशन रोड, सीहोर में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों ने अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक रस की सरिता प्रवाहित की।
काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार द्वारका बांसुरिया ने की। मुख्य अतिथि के रूप में गौ सेवक मनोहर लाल घावरी उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी राजू बोयत एवं सहायक संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश तिवारी ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सरस्वती वंदना कवि गोविंद लोवानिया ने प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत विनोद तिवारी ने तिलक लगाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकारों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, व्यक्तित्व एवं साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया। इसके पश्चात उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। काव्य पाठ करने वाले साहित्यकारों में त्रिलोचन प्रसाद दुबे, द्वारका बांसुरिया, विनोद पंसारी, गोविंद लोवानिया, हीरालाल जायसवाल ‘अनाड़ी’, जोरावर सिंह, लक्ष्मण सिंह चौकसे, डॉ. विजेंद्र जायसवाल, राहुल ठाकुर, संदीप मेवाड़ा, ठाकुर प्रसाद चंद्रवंशी, कैलाश चौहान एवं जितेंद्र नारोलिया सहित अन्य कवि शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र जायसवाल ने किया। अंत में परिषद के महामंत्री लक्ष्मण सिंह चौकसे ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
काव्य धारा प्रवाह फेसबुक चैनल पर हुआ सीधा प्रसारण
इस साहित्यिक आयोजन का सीधा प्रसारण काव्य धारा प्रवाह साहित्यिक मंच के फेसबुक चैनल पर किया गया। मंच की संस्थापिका श्रीमती पायल पटेल भी इस अवसर पर लाइव जुड़ी रहीं। ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से साहित्य प्रेमियों को इस साहित्यिक आयोजन से जुड़ने और कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद लेने का अवसर मिला।
इस प्रकार महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी साहित्य, संस्कृति और सृजन के संगम का सुंदर उदाहरण बनी।









