कलेक्टर नेहा मीना ने बालिका छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, छात्राओं के साथ बैठकर चखा भोजन

भोजन की गुणवत्ता खराब मिलने पर जताई कड़ी नाराजगी, वार्डन के निलंबन की कार्रवाई के निर्देश; बीईओ को कारण बताओ नोटिस
देवास। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने मंगलवार देर शाम महारानी चिमनाबाई स्कूल परिसर स्थित उत्कृष्ट बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ छात्राओं के बीच बैठकर भोजन किया और उसकी गुणवत्ता परखी। भोजन की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान छात्रावास में वार्डन अनुपस्थित मिलीं। छात्राओं द्वारा भी व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें किए जाने पर कलेक्टर ने वार्डन के विरुद्ध निलंबन संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), देवास को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि छात्रावास में भोजन तैयार करने के बजाय बाहर से बनवाकर लाया जा रहा था। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावास में भोजन वहीं की रसोई में तैयार किया जाए, ताकि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि छात्राओं को निर्धारित मीनू के अनुसार पौष्टिक, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
कलेक्टर श्रीमती मीना ने छात्राओं के आवासीय कमरों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कमरों में प्रकाश, हवा, बिस्तरों और साफ-सफाई की स्थिति देखी। साथ ही छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। व्यवस्थाओं में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
5 नए गीजर और एक आरओ लगाने के निर्देश
छात्राओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने छात्रावास परिसर में तत्काल पांच नए गीजर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए एक नया आरओ सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को गर्म पानी और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि छात्राओं के भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में किसी भी छात्रावास से भोजन अथवा अन्य व्यवस्थाओं में लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने जिले के सभी छात्रावासों का जिलास्तरीय अधिकारियों से नियमित निरीक्षण कराने तथा बालिका छात्रावासों का निरीक्षण महिला अधिकारियों से करवाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा, स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण भोजन और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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