जयपुर मुहाना थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹10 हजार का इनामी अपहरण आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग को सकुशल दस्तयाब किया

जयपुर, 29 अगस्त 2026। जयपुर दक्षिण पुलिस ने नाबालिग के अपहरण के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹10 हजार के इनामी आरोपी रोहित राय उर्फ रोहित यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ने नाबालिग अपहृता को भी सकुशल दस्तयाब किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी रोहित यादव, निवासी दरियापुर, जिला सारण (बिहार) पर आरोप है कि वह नाबालिग को पहले भी अपने साथ ले गया था। उस समय मुहाना थाना पुलिस की टीम ने नाबालिग को पटना, बिहार से दस्तयाब कर कानूनी कार्रवाई के बाद परिजनों के सुपुर्द किया था।
इंस्टाग्राम के जरिए दोबारा संपर्क का आरोप
पुलिस के अनुसार, 15 मई 2026 को नाबालिग के अपहरण का मामला मुहाना थाने में दर्ज किया गया था। जांच के दौरान नाबालिग को बिहार से दस्तयाब किया गया था।
इसके बाद 19 जून 2026 को परिजनों ने फिर शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने कथित रूप से इंस्टाग्राम के माध्यम से नाबालिग से संपर्क किया और उसे डराने-धमकाने के बाद दोबारा अपने साथ ले गया। इस संबंध में मुहाना थाने में दूसरा मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
राजस्थान हाईकोर्ट में भी मामला
पुलिस के अनुसार नाबालिग के अपहरण से जुड़े दोनों मामलों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिकाएं भी लंबित थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुहाना थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।
5 दिन तक लगातार ऑपरेशन
पुलिस टीम ने लगातार 5 दिनों तक अभियान चलाया और करीब 3 हजार किलोमीटर का सफर तय करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई। आरोपी को डिटेन कर पूछताछ के बाद पुलिस ने बिहार से नाबालिग को सकुशल दस्तयाब किया।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा ₹10 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी
रोहित राय उर्फ रोहित यादव, पुत्र जनार्दन राय, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम डोगाहा, थाना दरियापुर, जिला सारण, बिहार।
पुलिस टीम को मिली सफलता
यह कार्रवाई डीसीपी साउथ राजर्षि राज IPS के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित कुमार शर्मा और एसीपी मानसरोवर हेमेंद्र शर्मा के सुपरविजन में मुहाना थानाधिकारी मुकेश कुमार खारड़िया के नेतृत्व में विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टीम में एएसआई करण सिंह, हेड कांस्टेबल कान सिंह, भंवरलाल, कांस्टेबल ओमप्रकाश डोबर, दामोदर सारण सहित जयपुर दक्षिण की तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।











