भदोही मे ब्याज माफी योजना-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित, व्यापारियों को दी गई विस्तृत जानकारी

भदोही मे ब्याज माफी योजना-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित, व्यापारियों को दी गई विस्तृत जानकारी*
जिलाधिकारी ने व्यापारियों एवं उद्यमियों से की अपील—योजना का लाभ उठाकर पुराने कर बकायों का करें निस्तारण
संतरविदास नगर भदोही, 31 अक्टूबर 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में आज राज्य कर विभाग द्वारा संचालित ब्याज माफी योजना-2026 के संबंध में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिर्जापुर के ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) दिनेश दुबे ने भी प्रतिभाग किया। इस अवसर पर जनपद के प्रमुख व्यापारी नेता, उद्यमी एवं राज्य कर विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने व्यापारियों एवं उद्यमियों से अपील की कि शासन द्वारा संचालित ब्याज माफी योजना-2026 का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा अपने पुराने कर बकायों का निस्तारण कर अनावश्यक ब्याज एवं अर्थदण्ड से राहत प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक व्यापारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र व्यापारी निर्धारित समयावधि में आवेदन कर इस अवसर का लाभ प्राप्त कर सकें।
बैठक में राज्य कर विभाग के अधिकारियों द्वारा ब्याज माफी योजना-2026 के विभिन्न प्रावधानों, पात्रता एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा बकायेदार व्यापारियों को राहत प्रदान करने तथा पुराने कर बकायों के निस्तारण के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है।
योजना के अंतर्गत बकाया मूलधन की धनराशि पूर्ण रूप से जमा करनी होगी, जबकि मूल बकाया धनराशि के अनुसार ब्याज में छूट का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 10 लाख रुपये तक के मूल बकाये पर 100 प्रतिशत ब्याज माफी, 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक 90 प्रतिशत, एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक 75 प्रतिशत तथा पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर 50 प्रतिशत ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त केवल बकाया जमा न करने के कारण आरोपित अर्थदण्ड में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है।
अधिकारियों ने बताया कि यह योजना शासनादेश जारी होने की तिथि 16 अक्टूबर 2026 से तीन माह तक प्रभावी रहेगी। योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न अधिनियमों के तहत निर्धारित मांग एवं बकाये से संबंधित ब्याज और अर्थदण्ड सम्मिलित होंगे। ऐसे बकायेदार भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे, जिन्होंने योजना लागू होने से पूर्व मूल बकाया धनराशि का पूर्ण अथवा आंशिक भुगतान कर दिया है। न्यायालयों में लंबित मामलों के संबंध में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत वाद वापस लेने हेतु आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं शपथ-पत्र प्रस्तुत कर योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकेगा। योजना का लाभ लेने के लिए बकाया मूलधन, ब्याज एवं अर्थदण्ड की गणना कर निर्धारित धनराशि ऑनलाइन जमा करने के पश्चात विभागीय पोर्टल http://comtax.up.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
बैठक में राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने व्यापारी प्रतिनिधियों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र व्यापारियों को समयबद्ध ढंग से आवेदन करने के लिए जागरूक करने की अपील की।

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