सीएम योगी ने किया 50वें इंडिया कार्पेट एक्सपो का उद्घाटन, बोले- भदोही के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ रही सरकार

सीएम योगी ने किया 50वें इंडिया कार्पेट एक्सपो का उद्घाटन, बोले- भदोही के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ रही सरकार
भदोही में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्पेट एक्सपो शुरू, पहले दिन 32 देशों के 147 विदेशी खरीदार पहुंचे, भदोही। भदोही के कार्पेट एक्सपो मार्ट में रविवार को 50वें इंडिया कार्पेट एक्सपो के गोल्डन जुबली संस्करण का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के हस्तशिल्पियों ने अपने हुनर से भारतीय कालीन को वैश्विक पहचान दिलाई है। सरकार पारंपरिक शिल्प को विकास, बाजार और नई संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। चार दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय एक्सपो 7 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के कारीगरों का योगदान उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रहा है। बीते एक दशक में प्रदेश के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें कालीन उद्योग की अहम भूमिका है। पारंपरिक शिल्प को तकनीक, आधुनिक डिजाइन और वैश्विक बाजार से जोड़कर इस क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने गोल्डन जुबली एक्सपो को कालीन उद्योग की गौरवशाली यात्रा का उत्सव बताते हुए निर्यातकों, उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को शुभकामनाएं दीं। कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) के चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने कहा कि इंडिया कार्पेट एक्सपो अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, बाइंग हाउस, एजेंट, आर्किटेक्ट और भारतीय निर्माताओं को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस बार एक्सपो में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। इसमें फॉल-विंटर सीजन के नए रंगों और डिजाइनों के कालीन प्रदर्शित किए जा रहे हैं। एक्सपो में 223 भारतीय कंपनियां अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। पहले दिन 32 देशों के 147 विदेशी खरीदारों और 146 बाइंग प्रतिनिधियों ने एक्सपो का दौरा किया। इनमें ब्राजील, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों के खरीदार शामिल रहे। ब्रिक्स देशों के खरीदारों की भागीदारी से नए बाजारों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। सीईपीसी के उपाध्यक्ष असलम महबूब ने कहा कि गोल्डन जुबली संस्करण भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की समृद्ध विरासत और वैश्विक व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि एक्सपो के माध्यम से नए बाजारों तक पहुंच बनाने और दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी विकसित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद, विधायक दीनानाथ भास्कर, विधायक विपुल दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, एमएसएमई के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल, आईईएमएल के चेयरमैन राकेश कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कालीन निर्यातक मौजूद रहे। इस दौरान निर्यातकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए अलग नीति बनाने, उद्योग को विशेष दर्जा देने और माधोसिंह रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग भी रखी। सीईपीसी की कार्यकारी निदेशक डॉ. स्मिता नागरकोटी ने उम्मीद जताई कि यह एक्सपो नई उपलब्धियां हासिल करेगा और इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत करीब 20 लाख बुनकरों, कारीगरों और उनके परिवारों तक पहुंचेगा।

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